
सड़क निर्माण और रखरखाव पर हाईकोर्ट की नाराजगी, कहा- यह कोर्ट का नहीं, सरकार और संबंधित एजेंसियों का काम
लीगल रिपोर्टर| बिलासपुर
जर्जर सड़क के निर्माण और उनके रखरखाव से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और बिलासपुर नगर निगम के कामकाज के तरीके पर गहरी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि सड़कों का निर्माण कराना और उन्हें दुरुस्त रखना सरकार तथा संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है, न्यायालय की नहीं। इसके बावजूद संबंधित विभाग कोर्ट के आदेश के बाद ही काम करते हैं, जो उचित नहीं है।

मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्रा और न्यायमूर्ति संतोष शर्मा की खंडपीठ ने संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कोर्ट की टिप्पणी सड़क निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने में विभागों की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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सुनवाई के दौरान रायपुर जाते समय एयरपोर्ट की ओर जाने वाले धनेली से विधानसभा रोड का मामला भी सामने आया। इस सड़क के संबंध में हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को 8 अप्रैल 2025 के न्यायालयीन आदेश के पालन की जानकारी देने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने मुख्य सचिव से आदेश के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
हाईकोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई दीपावली के बाद नवंबर में निर्धारित की है। अगली सुनवाई में संबंधित आदेशों के पालन और सड़कों की स्थिति से जुड़े मुद्दों पर आगे की कार्यवाही होने की उम्मीद है।
इस मामले में न्यायालय की सहायता के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव एमिकस क्यूरी के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ अधिवक्ता प्रतीक शर्मा और आशुतोष कछवाहा भी मामले से जुड़े रहे।
Author: UnfearNews
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