
एनएचएम कर्मचारियों की खत्म हुई हड़ताल: सरकार ने मानी स्वास्थ्यकर्मियों की 6 मांगें, काम पर लौटेंगे संविदाकर्मी
“छत्तीसगढ़ में एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगों में से 6 मांगें सरकार ने मानीं, 4 पर चर्चा जारी। वेतन वृद्धि, आयुष्मान कार्ड, ट्रांसफर नीति और पेड मेडिकल लीव जैसी सुविधाएं मिलेंगी। हड़ताल खत्म, अब स्वास्थ्य सेवाएं होंगी बहाल।
बलौदा बाजार। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार की देर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ हुई बैठक के बाद खत्म हो गई। 18 अगस्त से जारी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों की प्रमुख 6 मांगों को स्वीकार कर लिया है, जबकि 4 अतिमहत्वपूर्ण मांगों पर 3 माह में निर्णय ले लेने का आश्वाशन दिया है। इसके बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का फैसला लिया है।

अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। 18 अगस्त से वे प्रदेश भर में प्रदर्शन कर रहे थे। उनके हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई थी, लोगों की लगातार जान जाने की घटना, सही समय पर इलाज नहीं मिलने की घटना, उचित इलाज नहीं मिलने की घटना के लगातार होने से सरकार की बड़ी किरकिरी हो रही थी। लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा था। लोगों का गुस्सा सरकार के प्रति बढ़ता जा रहा है। इधर लगातार सरकार की बदनामी और कर्मचारियों की विभिन्न तरीके से उठाई जा रही आवाज और अलग अलग तरीके से किए जा रहे प्रदर्शन से सरकार अंततः कर्मचारियों से बात करने के लिए बाध्य हुई। कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों पर सरकार से सहमति बन गई है। शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की मौजूदगी में हुई बैठक में एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारी संघ प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमित मिरि के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए। जहां उनकी मांगों पर सहमति बनी।
इन दस मांगों को लेकर हड़ताल पर थे कर्मचारी
एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल 1. संविलियन और स्थाईकरण, 2. पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, 3. ग्रेड पे का निर्धारण, 4. लंबित 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि, 5. कार्यमूल्यकन (सीआर) व्यवस्था में पारदर्शिता, 6. नियमित भर्ती में सीटो का आरक्षण, 7. अनुकम्पा नियुक्त, 8. मेडिकल एवं अन्य अवकाश की सुविधा, 9. स्थानांतरण नीति और 10. 10 लाख तक कैशलेश चिकित्सा बीमा थी।
सरकार इन मांगों को मानी
मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद के बाद सहमति बनी है किबी 1. 5 प्रतिशत वेतन वृद्धि जुलाई 2023 से एरियर्स के साथ लागू की जाएगी। 2. आयुष्मान कार्ड की सुविधा – संविदा कर्मचारियों को अब आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज मिलेगा। 3. ट्रांसफर नीति लागू होगी, जिससे कर्मचारियों को स्थानांतरण संबंधी स्पष्ट व्यवस्था मिलेगी। 4. सवैतनिक चिकित्सकीय अवकाश (Paid Medical Leave) का लाभ संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को मिलेगा। 5. सीआर प्रणाली (Confidential Report) में संशोधन करते हुए अपील का अधिकार कर्मचारियों को प्रदान किया जाएगा। 6. ग्रेड पे निर्धारण के लिए समिति गठित की जाएगी, जो तीन माह के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी और इसे अगले वित्तीय वर्ष से लागू किया जाएगा।
केंद्र से जुड़ी मांगें केंद्र सरकार को भेजी गईं
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि संविदा कर्मचारियों की जो मांगें केंद्र से जुड़ी हैं, उन्हें केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जल्द उन मांगों को पूरा करने के लिए कहा गया है।
अब जनता को मिलेगा सही इलाज
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कहा कि सरकार के सकारात्मक रुख और मांगों पर सहमति के बाद हड़ताल खत्म कर दी गई है। अब स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होंगी और मरीजों को सही समय पर इलाज मिल सकेगा।

यह भी पढ़ें 👉 एनएचएम हड़ताल: सचिव और सीएमएचओ का पत्र भी नहीं रोक सका कर्मचारियों को, आर-पार का जंग जारी – Un Fear News
मुख्यमंत्री ने बर्खास्तगी की कार्रवाई को समाप्त की
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक के बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कर्मचारियों के साथ हुई बैठक का जिक्र करते हुए लिखा – एनएचएम कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त करने का निर्णय सराहनीय और स्वागतयोग्य है।
हमारी सरकार प्रत्येक कर्मचारी को परिवार का हिस्सा मानती है और उनकी जायज़ मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है।
जनता का स्वास्थ्य हमारे लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मुझे विश्वास है कि सरकार और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से प्रदेश की जनता को सुलभ एवं उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध होंगी तथा हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को और बेहतर, स्वस्थ व उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करेंगे।
इसके साथ ही उनके खिलाफ की गई बर्खास्तगी की कार्रवाई भी सरकार वापस ले ली है।
Author: Deependra Shukla
मैं पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूँ और वर्तमान में Unfearnews में संपादक (Editor) के रूप में कार्यरत हूँ। पत्रकारिता की बारीकियों को समझने और उसे निष्पक्ष व प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने का मेरा विशेष अनुभव है। मैंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से 2012-14 में गोल्ड मेडल के साथ पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। इसके बाद ETV, News18, Dainik Bhaskar, NDTV, AajTak जैसी देश की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थाओं के साथ काम किया है। हमारा विजन: स्वतंत्र, निष्पक्ष और शोध-आधारित पत्रकारिता के माध्यम से समाज को सशक्त बनाना और जनता तक सत्य, निष्पक्ष एवं गहन विश्लेषण के साथ समाचार पहुंचाना। 📩 संपर्क करें: ✉️[deependrashukla501@gmail.com] 🌐 [unfearnews.com] [LinkedIn https://www.linkedin.com/in/deependra-kumar-shukla-12532689?utm_source=share&utm_campaign=share_via&utm_content=profile&utm_medium=android_app] 📞 [9109341789]










