बाइक चोरी कर सस्ते में बेचते थे, पुलिस ने 16 मोटरसाइकिल के साथ गिरोह को दबोचा

क्राइम रिपोर्टर | बलौदाबाजार

बलौदा बाजार जिले की पुलिस ने अंतरजिला मोटरसाइकिल चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 16 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। यह गिरोह पिछले 15 महीनों से लगातार बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था और पहचान बदलकर वाहनों को सस्ते दामों में बेच रहा था।

साइबर सेल बलौदाबाजार और राजादेवरी पुलिस चौकी की संयुक्त कार्रवाई में इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बता दें कि पुलिस को लंबे समय से जिले में बाइक चोरी की घटनाओं की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद विशेष टीम गठित कर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को धर दबोचा और उनके पास से 16 चोरी की बाइक बरामद कीं।
बलौदाबाजार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि यह गिरोह बलौदाबाजार, रायपुर, महासमुंद, धमतरी, दुर्ग और राजनांदगांव सहित कई जिलों में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य सुनसान इलाकों और बाजारों से बाइक चोरी कर उन्हें पहले रायपुर और फिर वहां से राजादेवरी क्षेत्र के ग्राम रीकोकला में लाकर छिपाते थे। जब कोई खरीदार मिलता, तो वे गाड़ियों के नंबर प्लेट और चेसिस नंबर बदलकर सस्ते दामों में बेच देते थे। एसपी अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ थाना राजादेवरी में अपराध क्रमांक 16/2025 के तहत धारा 331(4), 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गिरोह का संबंध किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से तो नहीं है।

दुकानों में कम के साथ रेकी और चोरी करने की भूमिका

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह के तीनों सदस्य संगठित तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। खिरोद डडसेना 36 वर्ष, निवासी ग्राम रीकोकला का रहने वाला है। जो मजदूरी और बोरवेल का काम करता था। यह चोरी की मोटरसाइकिलों को अपने घर में छिपाकर रखता था। ग्राहक मिलने तक बाइक को गांव के अलग-अलग ठिकानों पर रखता था।कीर्तन डडसेना 49 वर्ष, रायपुर के बोरियाखुर्द का रहने वाला है। रायपुर के मोती नगर में इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयरिंग की दुकान चलाता था।चोरी की मोटरसाइकिलों को बेचने में मुख्य भूमिका निभाता था। ग्राहकों को यह झांसा देता कि जल्द ही गाड़ी के दस्तावेज उपलब्ध करा दिए जाएंगे। जगेंद्र यादव 30 वर्ष, धमतरी के लोहारपाथरा का रहने वाला है। रायपुर में मजदूरी करता था और वहीं चोरी की योजनाएं बनाता था। चोरी के लिए सुनसान जगहों की रेकी करता था। खिरोद डडसेना के साथ मिलकर वाहनों को ठिकाने लगाने का काम करता था।

साइबर सेल ने खंगाला सीसीटीवी, मिला सुराग

बलौदा बाजार पुलिस को लंबे समय से जिले में बाइक चोरी की बढ़ती घटनाओं की शिकायतें मिल रही थीं। साइबर सेल की मदद से सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए जिसमें कुछ संदिग्ध बाइक की पहचान हुई। इसके बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर ग्राम रीकोकला में छापा मारा जहां से चोरी की 16 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे पहले भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी करते थे और ऐसी बाइक चोरी करते थे, जिन्हें असुरक्षित खड़ा किया गया होता था। वे खासतौर पर बिना लॉक या जल्दीबाजी में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाते थे।

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

पुलिस को शक है कि इस गिरोह से जुड़े और भी लोग हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। संभावना है कि और भी चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हो सकती हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह का कोई संबंध बड़े आपराधिक नेटवर्क से है। इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी की गई मोटरसाइकिलों को कहां-कहां बेचा गया और किन-किन लोगों ने इन्हें खरीदा। यदि किसी ने बिना दस्तावेज वाली गाड़ी खरीदी है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UnfearNews
Author: UnfearNews

हम बनेंगे आपकी समस्या का आवाज बिना डरे, बिना भेदभाव किए...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *