
पॉलिटिकल डेस्क| रायपुर
छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर सियासत गरमा गई है। ईडी ने इस बार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पर छापामार कर उनके पुत्र चैतन्य बघेल को शराब घोटाले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है। यह पूछताछ आज रायपुर स्थित ईडी कार्यालय में होनी है। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस पार्टी आक्रामक हो गई है और उसने प्रदेशभर में ईडी और भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
ईडी ने कुछ दिनों पहले ही राज्य में 14 स्थानों पर छापेमारी की थी। बताया जा रहा है कि जिनमें चैतन्य बघेल से जुड़े ठिकाने भी शामिल थे। यह छापेमारी 2019 से 2022 के बीच हुए कथित 2,161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ी जांच का हिस्सा थी। इस घोटाले में सरकारी अधिकारियों, शराब कारोबारियों और अन्य प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता बताई जा रही है। ईडी के सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले में अवैध लेनदेन और राजनीतिक फंडिंग से जुड़े कई अहम दस्तावेज मिले हैं। जांच एजेंसी इस मामले में चैतन्य बघेल की भूमिका को लेकर सवालों के जवाब चाहती है। इस मामले में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। ईडी की जांच किस दिशा में जाती है और कांग्रेस का विरोध कितना असर डालता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है, ताकि विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की कानून व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
भूपेश बघेल के निवास पर छापे में मिली नकदी और दस्तावेज
ईडी ने एक दिन पहले सोमवार 10 मार्च को ही भूपेश बघेल के निवास पर भी छापा मारा था। इस दौरान कथित तौर पर भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई, जिसे गिनने के लिए नोट गिनने की मशीनें मंगानी पड़ीं। इसके अलावा, कुछ दस्तावेज भी मिले हैं, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह से जुड़ी फाइलें भी शामिल हैं। इस खुलासे के बाद भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “ईडी की यह कार्रवाई एकतरफा है और सिर्फ विपक्ष को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है। जो दस्तावेज मिले हैं, वे 2015 के हैं और यह भाजपा नेताओं की भूमिका को भी उजागर करते हैं। लेकिन ईडी केवल कांग्रेस नेताओं पर ही कार्रवाई कर रही है।”
कांग्रेस का विरोध: प्रदेशभर में पुतला दहन और प्रदर्शन
ईडी की इस कार्रवाई के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज दोपहर 1 बजे प्रदेशभर में प्रदर्शन और ईडी का पुतला दहन करने का ऐलान किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में भाजपा और ईडी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करें। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता ईडी की कार्रवाई को “राजनीतिक प्रतिशोध” बताते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा अपने राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने लगाया आरोप
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा, छत्तीसगढ़ में भाजपा को जनता ने पूरी तरह नकार दिया, लेकिन अब वे सत्ता में वापस आने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को फंसाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। कांग्रेस इस दमनकारी राजनीति का डटकर मुकाबला करेगी।”
राजनीतिक उथल-पुथल
ईडी की पूछताछ और कांग्रेस के विरोध के बीच छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर ईडी की जांच में चैतन्य बघेल के खिलाफ ठोस सबूत मिलते हैं, तो यह कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है। दूसरी ओर, अगर कांग्रेस इस कार्रवाई को “भाजपा की राजनीतिक साजिश” के रूप में भुनाने में सफल होती है, तो यह उसके लिए सहानुभूति जुटाने का अवसर भी हो सकता है।
नजरें टिकीं अगले कदम पर
अब सवाल यह है कि ईडी की पूछताछ से क्या नया सामने आएगा? क्या चैतन्य बघेल किसी बड़े रहस्य से पर्दा उठाएंगे, या यह मामला और उलझेगा? कांग्रेस का विरोध कितना असरदार होगा, और क्या भाजपा इस जांच को एक मजबूत हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगी? आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस मुद्दे पर और उथल-पुथल होने की संभावना है।
Author: UnfearNews
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