मंत्री लखन लाल देवांगन को मीडिया में बयान देना पड़ा भरी, जानिए किस मामले में बीजेपी ने किया जवाब जवाब

पॉलिटिक्स डेस्क| रायपुर

छत्तीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन को मीडिया में बयान देना महंगा पड़ गया है। बीजेपी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। उन्हें तीन दिन के भीतर अपना जवाब देना होगा।
नगरीय निकाय चुनाव के बीच सोशल मीडिया पर मंत्री लखन लाल देवांगन द्वारा मीडिया में बयान देना बीजेपी को नागवार गुजरी। मंत्री के एक बधाई पोस्ट के बाद राजनीति गलियारे में हलचल मचा कर रख दिया है।

दरअसल छत्तीसगढ़ में नगर निगम कोरबा के सभापति चुनाव के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इसके बाद भाजपा ने राज्य सरकार में मंत्री और विधायक लखन लाल देवांगन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी का आरोप है कि उन्होंने भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के विरोध में बागी उम्मीदवार को समर्थन दिया और चुनाव परिणाम के बाद उन्हें सार्वजनिक रूप से बधाई दी। बताया जा रहा है कि नगर पालिका निगम कोरबा के सभापति चुनाव में भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार को हराकर बागी प्रत्याशी नूतन सिंह ठाकुर ने जीत हासिल की। इस चुनाव में भाजपा का अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आया, जिससे पार्टी को झटका लगा। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मंत्री लखन देवांगन ने विजयी प्रत्याशी नूतन सिंह ठाकुर को मीडिया में बधाई दी, जिसे पार्टी ने अनुशासनहीनता माना है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी जगदीश रामू रोहरा ने मंत्री लखन देवांगन को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में स्पष्ट किया गया कि उनका यह बयान पार्टी अनुशासन के खिलाफ है। भाजपा ने उनसे 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है कि उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया।

राजनीतिक हलकों में चर्चाएं

भाजपा द्वारा मंत्री लखन लाल देवांगन को नोटिस दिए जाने के बाद प्रदेश में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के भीतर गुटबाजी और असंतोष को लेकर पहले से ही अटकलें थीं, और इस प्रकरण ने उन अटकलों को और बल दे दिया है। इस तरह की कार्रवाई से चर्चा है कि अनुशासित पार्टी का दावा करने वाली बीजेपी के भीतर भी अब कांग्रेस की तरह ही फूट पड़ चुकी है। विशेषज्ञों का दावा है कि जिस तरह के हालत प्रदेश में हैं, जिस तरह से बीजेपी की नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में भूमिका निभाई है इससे बीजेपी में भी बगावत हो सकती है।

क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक

विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला भाजपा के अंदर चल रही गुटबाजी का साफ संकेत हो सकता है। पार्टी नेतृत्व यह संदेश देना चाहता है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। वहीं, लखन लाल देवांगन की प्रतिक्रिया पर भी सबकी नजरें टिकी हैं कि वे इस नोटिस का क्या जवाब देंगे। अब देखना होगा कि लखन लाल देवांगन पार्टी के निर्देशों का पालन करते हुए अपना स्पष्टीकरण देते हैं या उनके इस कदम से कोई नया राजनीतिक विवाद खड़ा होता है। भाजपा के अंदरूनी समीकरणों पर भी इस घटनाक्रम का असर पड़ सकता है।

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Author: UnfearNews

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