
सरप्लस राज्य में रोज 2 घंटे गुल हो रही बिजली, 9.25 बजे लौटी सप्लाई; आखिर कटौती क्यों?
बलौदा बाजार। ग्राम पंचायत भरसेली और आश्रित ग्राम छुईहा क्षेत्र में बिजली कटौती का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार तीसरे दिन सुबह बिजली गुल रही और आज करीब सुबह 7 बजे से 9.25 बजे तक बिजली बंद रही। यानी ग्रामीणों को करीब दो घंटे 25 मिनट तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। इससे पहले भी पिछले दो दिनों में सुबह करीब 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक बिजली बंद रही थी। यानी हर दिन कम से कम दो घंटे की कटौती ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है।

न बारिश, न तेज हवा, फिर भी रोज बिजली गुल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब न बारिश हो रही है और न तेज हवा चल रही है, तो आखिर बिजली क्यों काटी जा रही है? कटौती का कारण भी ग्रामीणों को स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है। बिजली विभाग की व्यवस्था ऐसी नजर आ रही है कि उपभोक्ताओं को यह तक पता नहीं कि बिजली कब जाएगी और कब आएगी।
सुबह बिजली बंद होने से स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर नौकरीपेशा लोगों और मेहनत-मजदूरी करने वालों तक को परेशानी उठानी पड़ रही है। सुबह की जरूरी तैयारियां प्रभावित होने के साथ लोगों का रोजमर्रा का काम भी बाधित हो रहा है।
सरप्लस राज्य में कटौती क्यों?
छत्तीसगढ़ को बिजली के मामले में सरप्लस राज्य बताया जाता है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में रोजाना घंटों बिजली कटौती क्यों हो रही है, यह सवाल बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सोलर प्लांट से बिजली व्यवस्था जुड़ने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी बदहाली समझ से परे है।
यह भी पढ़ें 👉 सुबह होते ही गुल हो रही बिजली, तीन दिन से लगातार कटौती से ग्रामीण परेशान
अधिकारी फोन नहीं उठाते, 1912 भी बेअसर
ग्रामीणों की परेशानी तब और बढ़ जाती है, जब जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों से संपर्क करने की कोशिश की जाती है। आरोप है कि कई बार फोन करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी फोन तक नहीं उठाते। शिकायतों के लिए बनाई गई 1912 हेल्पलाइन व्यवस्था भी ग्रामीणों के लिए कारगर साबित नहीं हो रही है।
ऐसे में सवाल है कि जब बिजली कटौती का कारण ही उपभोक्ताओं को नहीं बताया जा रहा और शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं हो रहा, तो आखिर ग्रामीण अपनी समस्या लेकर जाएं तो जाएं कहां?
ऐसा लगता है, बिजली की तारें आपस में लड़ रही हैं!
मौजूदा बिजली व्यवस्था पर ग्रामीणों की नाराजगी को अगर व्यंग्य में कहा जाए तो ऐसा लगता है जैसे बिजली की तारें आपस में लड़ रही हों और अधिकारी-कर्मचारी उनकी लड़ाई सुलझाने में लगे हुए हों। लेकिन सवाल यह है कि इस कथित लड़ाई का खामियाजा आम उपभोक्ता क्यों भुगते?
यह भी पढ़ें 👉 छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट : आज से लागू होगा नया रोस्टर, तीन नए जज लेंगे शपथ
बिजली 9.25 बजे बहाल तो हो गई, लेकिन कटौती का कारण अब भी अज्ञात है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरप्लस बिजली वाले राज्य में बिना बारिश और तेज हवा के रोजाना दो-दो घंटे बिजली क्यों गुल हो रही है? ग्रामीणों को जवाब चाहिए और बिजली विभाग को व्यवस्था।
Author: UnfearNews
हम बनेंगे आपकी समस्या का आवाज बिना डरे, बिना भेदभाव किए...










