छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट : आज से लागू होगा नया रोस्टर, तीन नए जज लेंगे शपथ

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आज से लागू होगा नया रोस्टर, तीन नए जज शपथ ले शुरू करेंगे सुनवाई

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट : आज से लागू होगा नया रोस्टर, तीन नए जज लेंगे शपथ

लीगल रिपोर्टर | बिलासपुर

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में नवपदस्थ चीफ जस्टिस कृष्णा राम महापात्रा के आदेश पर 10 सितंबर 2026 से नया रोस्टर प्रभावी हो गया है। हाईकोर्ट की ओर से जारी रोस्टर में डिवीजन बेंच और सिंगल बेंच के बीच मामलों के बंटवारे के साथ Judge Designate की बेंचों में भी जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। यह रोस्टर 10 सितंबर 2026 से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। इस बीच हाईकोर्ट में तीन नए जज गोपनीयता की शपथ लेकर काम की शुरुआत करेंगे।

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हाईकोर्ट।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाल ही में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस के रूप में ओडिशा हाईकोर्ट में जस्टिस रहे जस्टिस कृष्णा राम महापात्रा को नियुक्त करने की सिफारिश की थी। इसके बाद उनकी नियुक्ति छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में की गई। इधर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जजों की स्वीकृत 22 पदों की संख्या के अनुरूप पदस्थ जजों की कम संख्या और 73 हजार से अधिक लंबित मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तीन नए जज डेजिग्नेट किए जाने की सिफारिश के आधार पर नियुक्ति की गई है। तीन नए न्यायाधीश संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार शपथ ग्रहण करेंगे।

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जारी आदेश।

हाईकोर्ट द्वारा जारी 10 सितंबर की कार्यसूची में तीनों न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण समारोह की जानकारी दी गई है। समारोह सुबह 10 बजे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस कोर्ट में आयोजित होगा।

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हाईकोर्ट की ओर से जारी कार्यक्रम में स्पष्ट किया गया है कि तीनों न्यायाधीशों का शपथ ग्रहण 10 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे चीफ जस्टिस कोर्ट में होगा। इस अवसर पर हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं और बार के सदस्यों को समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।इधर हाईकोर्ट की कार्यसूची चीफ जस्टिस के आदेश से ओम प्रकाश जायसवाल, रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) ने जारी किया है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आज से लागू होगा नया रोस्टर, तीन नए जज शपथ ले शुरू करेंगे सुनवाई
हाईकोर्ट।

डिवीजन बेंच-I में चीफ जस्टिस के साथ Judge Designate

रोस्टर के अनुसार डिवीजन बेंच-I में चीफ जस्टिस के साथ एक Judge Designate रहेंगे। इस बेंच में जनहित याचिकाएं (PIL), रिट अपील, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं (Habeas Corpus), आपराधिक अवमानना याचिका, डिवीजन बेंच के सभी रिट मामले, WP(Cr.) को छोड़कर, तथा टैक्स मामले और टैक्स मामलों से संबंधित रिट अपीलों की सुनवाई होगी।

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डिवीजन बेंच-II में सिविल मामलों की सुनवाई

वहीं डिवीजन बेंच-II में जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू के साथ एक Judge Designate रहेंगे। इस बेंच को डिवीजन बेंच के वे सभी सिविल मामले सौंपे गए हैं, जिन्हें किसी अन्य डिवीजन बेंच को आवंटित नहीं किया गया है। इसके अलावा कंपनी अपील, वैवाहिक मामलों से संबंधित प्रथम अपील और कमर्शियल अपीलेट डिवीजन बेंच के मामले भी इसी बेंच के सामने सुने जाएंगे।

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डिवीजन बेंच-III में आपराधिक मामलों की सुनवाई

डिवीजन बेंच-III में जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास के साथ एक Judge Designate रहेंगे। इस बेंच को डिवीजन बेंच के सभी आपराधिक मामले, आपराधिक अवमानना याचिका को छोड़कर, तथा WP(Cr.) की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है।

सिंगल बेंच में भी मामलों का विस्तृत बंटवारा

नए रोस्टर में सिंगल बेंच के लिए भी अलग-अलग श्रेणी के मामलों का निर्धारण किया गया है। शुक्रवार को स्पेशल बेंच चीफ जस्टिस के समक्ष रहेगी, जिसमें Arbitration & Conciliation Act की धारा 11 की उपधारा (4), (5) और (6) के तहत आने वाले आवेदन सुने जाएंगे। इनकी सुनवाई दोपहर 2:15 बजे या डिवीजन बेंच-I की सूची पूरी होने के बाद, जो पहले हो, उसके आधार पर होगी।

सिंगल बेंच-I में जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू

सिंगल बेंच-I में जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू के समक्ष धारा 438 CrPC और धारा 482 BNSS के तहत सभी जमानत आवेदन, धारा 482 CrPC तथा धारा 528 BNSS के तहत याचिकाएं, FIR को छोड़कर Cr.M.P., सभी सिविल अवमानना मामले और टाइड-अप मामलों की सुनवाई होगी। यह सूची भी दोपहर 2:15 बजे या डिवीजन बेंच-II की सूची पूरी होने के बाद शुरू होगी।

सिंगल बेंच-II में सर्विस और रिट याचिकाएं

सिंगल बेंच-II में जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास के पास WP(L), WP(T), वर्ष 2020 तक की सर्विस रिट याचिकाएं और वर्ष 2006 तक की अन्य सभी प्रकृति की रिट याचिकाएं रहेंगी। टाइड-अप मामलों की सुनवाई भी इसी बेंच में होगी।

सिंगल बेंच-III में आपराधिक अपील और रिवीजन

सिंगल बेंच-III में जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी के समक्ष वर्ष 2021 से आगे के आपराधिक अपील, वर्ष 2021 से आगे के आपराधिक रिवीजन, क्रिमिनल ट्रांसफर याचिका, क्रिमिनल रेफरेंस और टाइड-अप मामलों की सुनवाई होगी।

सिंगल बेंच-IV में सिविल अपील और रिवीजन

सिंगल बेंच-IV में जस्टिस सचिन सिंह राजपूत के पास वर्ष 2019 से आगे की सेकंड अपील, वर्ष 2018 से आगे की फर्स्ट अपील, सभी सिविल रिवीजन, सिविल ट्रांसफर याचिकाएं, अन्य सभी सिविल मामले जो किसी अन्य सिंगल बेंच को आवंटित नहीं हैं और टाइड-अप मामले होंगे।

सिंगल बेंच-V में जमानत और POCSO से जुड़े मामले

सिंगल बेंच-V में जस्टिस राकेश मोहन पांडेय के समक्ष धारा 439 CrPC और धारा 483 BNSS तथा POCSO Act के तहत सभी जमानत आवेदन, SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित विशेष अदालत के आदेशों से उत्पन्न अपील और वर्ष 2020 तक की WP(C) याचिकाओं की सुनवाई होगी।

मोटर दुर्घटना, संवैधानिक और सर्विस मामलों के लिए भी अलग बेंच

सिंगल बेंच-VI में जस्टिस संजय कुमार जायसवाल के पास वर्ष 2023 से आगे के मोटर व्हीकल एक्ट से संबंधित विविध अपीलों की सुनवाई रहेगी।

सिंगल बेंच-VII में जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल के समक्ष संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत रिट याचिकाएं, वर्ष 2015 से 2020 तक की आपराधिक अपील, एक्विटल अपील और लीव टू अपील के मामले तथा टाइड-अप मामले होंगे।

सिंगल बेंच-VIII में जस्टिस बिभु दत्ता गुरु के समक्ष वर्ष 2021 से आगे की सर्विस रिट याचिकाओं की सुनवाई होगी।

सिंगल बेंच-IX में जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद के पास वर्ष 2021 से आगे की WP(C) याचिकाएं और टाइड-अप मामले होंगे।

Judge Designate को भी मिली अहम जिम्मेदारी

रोस्टर में Judge Designate के लिए भी अलग-अलग सिंगल बेंच निर्धारित की गई हैं। सिंगल बेंच-X को वर्ष 2018 तक की सेकंड अपील और वर्ष 2018 तक की फर्स्ट अपील की जिम्मेदारी दी गई है। इनकी सुनवाई दोपहर 2:15 बजे या डिवीजन बेंच-II की सूची पूरी होने के बाद, जो पहले हो, शुरू होगी।

सिंगल बेंच-XI में वर्ष 2014 तक की आपराधिक अपील और वर्ष 2020 तक के आपराधिक रिवीजन रखे गए हैं। इन मामलों की सुनवाई दोपहर 2:15 बजे या डिवीजन बेंच-III की सूची पूरी होने के बाद, जो पहले हो, होगी। इसके अलावा एक Judge Designate के लिए शुक्रवार को मोटर व्हीकल एक्ट से संबंधित वर्ष 2022 तक की विविध अपीलों की स्पेशल बेंच भी निर्धारित की गई है।

10 सितंबर से प्रभावी, चीफ जस्टिस के आदेश से जारी

हाईकोर्ट के इस नए रोस्टर पर चीफ जस्टिस के हस्ताक्षर 9 सितंबर 2026 को किए गए हैं। रोस्टर की प्रतिलिपि चीफ जस्टिस, संबंधित न्यायाधीशों के निजी सचिवों, रजिस्ट्रार जनरल, विभिन्न रजिस्ट्रारों, एडवोकेट जनरल, डिप्टी सॉलिसिटर जनरल, हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन सहित संबंधित न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी गई है। इसे हाईकोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए OIC-NIC को भी भेजा गया है।

 

 

 

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Author: UnfearNews

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