
भाजपा की कार्रवाई: महामंत्री कृष्णा अवस्थी और जिला उपाध्यक्ष पुनीराम पटेल छह साल के लिए निष्कासित, बेटे के खिलाफ एक और शिकायत
बलौदा बाजार। भाजपा के जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी और जिला उपाध्यक्ष पुनीराम पटेल को भारतीय जनता पार्टी से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया है। दोनों के निष्कासन का पत्र प्रदेश भाजपा कार्यालय से जारी किया गया है। पत्र पर प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन मार्कण्डेय के हस्ताक्षर हैं। इधर कृष्णा अवस्थी के बेटे प्रणव अवस्थी के खिलाफ एक और शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की गई है।

भारतीय जनता पार्टी के तरफ से यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब बलौदा बाजार जिले के नगर पंचायत रोहांसी में पदस्थ आरएमए करण देवांगन के स्थानांतरण से संबंधित फर्जी आदेश जारी करने के मामले में पुलिस जांच चल रही है। मामले में पलारी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। जांच के दौरान पुलिस ने मामले में संलिप्त मिले भाजपा महामंत्री कृष्णा अवस्थी, उपाध्यक्ष पुनी राम पटेल, आरएमए करण देवांगन और रवि सेन, कम्प्यूटर ऑपरेटर परख कश्यप और कृष्णा अवस्थी के बेटे प्रणव अवस्थी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और प्रकरण में आगे की जांच जारी है।

कृष्णा अवस्थी और उनके पुत्र प्रणव अवस्थी की गिरफ्तारी के बाद जिले में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हालांकि, इन चर्चाओं में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच और पुष्टि होना अभी बाकी है।


स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि यदि पूरे मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच की जाए तो अन्य मामलों से जुड़े चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। कुछ लोगों द्वारा ग्राम पंचायतों के सरपंचों से काम दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की कथित वसूली, बेरोजगारों से सीमेंट संयंत्रों, शराब दुकानों में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से नौकरी दिलाने के नाम पर कथित रकम लेने और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी किए जाने की बातें कही जा रही हैं। हालांकि, इन आरोपों को लेकर अब शिकायतें और दस्तावेज सामने आने लगी हैं। हालांकि प्रशासन के तरफ से इस पूरे मामले पर अब तक कोई जांच शुरू नहीं की गई है न ही राज्य सरकार के तरफ से कोई एसआईटी या अन्य जांच टीम गठित की गई है।
नौकरी के नाम पर आदिवासी युवक से 50 हजार रुपये लेने की हुई शिकायत
इसी बीच पुलिस अधीक्षक कार्यालय में महासमुंद के एक युवक ने आवेदन देकर कृष्णा अवस्थी के पुत्र प्रणव अवस्थी पर आबकारी विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। महासमुंद जिले के कोमाखान थाना क्षेत्र के ग्राम खेमड़ा के रहने वाले आदिवासी युवक कलश राम ध्रुव ने पुलिस अधीक्षक बलौदा बाजार गौरव राय से शिकायत कर कार्रवाई और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है। कलश राम ध्रुव के मुताबिक वह बेरोजगार है और काम की तलाश में अपने एक परिचित से नौकरी के संबंध में चर्चा की थी। परिचित अश्विनी यादव जो बारनवापारा क्षेत्र का रहने वाला है, जिसने प्रणव अवस्थी का संपर्क दिया और उससे बात करने की सलाह दी। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद वह प्रणव अवस्थी से मुलाकात किया तब प्रणव ने शराब दुकान में नौकरी लगाने का भरोसा दिलाते हुए 50 हजार रुपये लिए। पीड़ित के अनुसार उसे डीडी बनाकर जमा कराने की जानकारी दी गई थी। बाद में जब डीडी फर्जी प्रतीत हुई तो उसने नौकरी नहीं करने और अपनी रकम वापस देने की मांग की।
पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद प्रणव अवस्थी की ओर से NEFT के जरिए रकम वापस करने की रिसीप्ट भेजी गई, लेकिन उसके बैंक खाते में राशि पहुंची ही नहीं। कलश राम के मुताबिक जांच करने पर NEFT की रिसीप्ट भी फर्जी निकली।
शिकायतकर्ता ने बताया कि वह महासमुंद क्षेत्र का रहने वाला है। उसे महासमुंद में शिकायत दर्ज कराने की सलाह देकर पुलिस अधीक्षक ने वापस भेज दिया वहीं जब वह महासमुंद पहुंचा तो वहां के पुलिस अधीक्षक ने बलौदा बाजार के पुलिस अधीक्षक से बात कर बलौदा बाजार में ही मामला दर्ज करने की बात कहकर वापस कर दिया गया।
आबकारी भवन रायपुर के कैंपस में हुआ खेल, प्लेसमेंट एजेंसी के नाम पर बांटे नियुक्ति पत्र
भाजपा महामंत्री कृष्णा अवस्थी के बेटे प्रणव अवस्थी की गिरफ्तारी के बाद अब उससे ठगे गए पीड़ित लगातार अपनी परेशानी सोशल मीडिया के माध्यम से रख रहे हैं। भाटापारा के कई पीड़ितों का कहना है कि बलौदा बाजार जिले में काम कर रही स्पेक्ट्रम प्लेसमेंट एजेंसी में काम दिलाने के बदले उनसे पैसा लिया गया है। पीड़ितों के मुताबिक राशि 1.50 लाख से 2.75 लाख तक लिए गए हैं। यह राशि रायपुर स्थित आबकारी भवन में कार में बैठकर लिया गया है, जहां उन्हें नियुक्ति पत्र भी दिया। कार में बैठकर नियुक्ति पत्र बांटने के दौरान यह भी बात पीड़ितों से कही गई कि आबकारी विभाग के अधिकारी और प्रदेश के नेताओं का दबाव है कि उनके लोगों को रखा जाए इसलिए कार में चुपचाप प्लेसमेंट एजेंसी अपने लोगों को रख रही है। हालांकि इस विषय में जानकारी लेने के लिए जब स्पेक्ट्रम प्लेसमेंट एजेंसी के मैनेजर मनीष गुप्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसलिए उनसे संपर्क होने पर अलग से खबर को अपडेट किया जाएगा बहरहाल पीड़ितों से आबकारी भवन परिसर में खेल होने की बात सामने आ रही है।
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पुराने मामलों को लेकर भी उठ रहे सवाल
जाबलौदा बाजार में पूर्व में भी भाजपा शासनकाल के दौरान इसी तरह से नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली हो चुकी है। बताया जा रहा है कि यह मामला अभी भी विवेचना में है। बताया जा रहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर कथित वसूली का मामला सामने आया था। इस मामले में विभाग में कार्यरत मेवा चोपड़ा के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। वहीं, सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा रही थी कि मामले में कुछ राजनीतिक लोगों की भूमिका पर सवाल उठे थे। बता दें कि बलौदा बाजार में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं नेताओं पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं, अभी कुछ समय पहले भी इसी तरह के एक आरोप में एक नेता को जेलाना पड़ा था।
निष्कासन के बाद बढ़ी निगाहें
कृष्णा अवस्थी और पुनीराम पटेल के छह वर्ष के निष्कासन के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि फर्जी स्थानांतरण आदेश मामले की जांच कहां तक पहुंचती है और क्या इस कार्रवाई के बाद अन्य शिकायतकर्ता भी सामने आते हैं। या पुलिस भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश और देश में सरकार होने से दबाव में आकर जांच और कार्रवाई रोक देती है। क्योंकि पहले कुछ मामलों में यही होता दिखाई दिया है।
फिलहाल पुलिस की जांच और भाजपा संगठन की कार्रवाई के बाद जिले की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मामले में और क्या तथ्य सामने आते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
आपको क्या लगता है कि पीड़ितों की संख्या बढ़ेगी? भाजपा की यह कार्रवाई क्या खुद को अलग करने वाला है? क्या भाजपा इस कार्रवाई को करके पल्ला झाड़ ली? क्या नौकरी के नाम पर हुई वसूली की जांच होगी? या पुलिस भाजपा सरकार के दबाव में आकर कार्रवाई को आगे धीमी कर देगी? अपने विचार हमें लिख भेजें।
Author: UnfearNews
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