तबादले की हड़बड़ी में भाजपा नेताओं का खेल: जिस अधिकारी को तबादले का अधिकार नहीं उसके हस्ताक्षर से करा दिया आरएमए का फर्जी ट्रांसफर

तबादले की हड़बड़ी में भाजपा नेताओं का खेल: जिस अधिकारी को तबादले का अधिकार नहीं उसतबादले के हड़बड़ी औरके हस्ताक्षर से करा दिया आरएमए का फर्जी ट्रांसफर

बलौदा बाजार। तबादले की बात जल्दबाजी के बीच पलारी के रोहान्सी में पदस्थ आरएमए करण देवांगन के फर्जी तबादला आदेश पर जांच के बाद भले ही पुलिस ने कार्रवाई कर दी हो, लेकिन कई सवाल अभी भी बाकी हैं। किस तरह से भाजपा नेताओं ने राज्य में भाजपा की सरकार होने का फायदा उठाया और बड़ा खेल कर रहे हैं यह अब परत दर परत खुलने लगे हैं। इसी क्रम में हालिया घटनाक्रम पर यह विस्तृत पड़ताल आप unfearnews.com पर पढ़ रहे हैं।

तबादले की हड़बड़ी में भाजपा नेताओं का खेल
पुलिस के साथ पलारी थाने के सामने पहले गिरफ्तार हुए चार आरोपी।

दरअसल इस कहानी की शुरूआत रोहान्सी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से होती है। जहां ग्रामीण स्वास्थ्य सहायक के तौर पर करण देवांगन पदस्थ थे। सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन 28 जुलाई को दोपहर 2 बजे नगर पंचायत रोहान्सी के अध्यक्ष नंदेश्वर साहू अपने साथियों के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहान्सी पहुंचते हैं, जहां आरएमए करण देवांगन और नंदेश्वर साहू का विवाद हो जाता है। यह विवाद मौखिक होता है। बाद में करण देवांगन ने आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है इसको लेकर उन्होंने सीएमएचओ, पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से इसकी शिकायत की, जिसपर एसडीएम पलारी के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई। हालांकि बाद में रोहान्सी के विकास और सभी को सुविधाएं मिले इस बात को लेकर समझौता हो गया। इस समस्या से निकलने के बाद करण देवांगन ने रोहान्सी में जान का खतरा बताकर एक बार फिर सीएमएचओ, पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से मुलाकात कर तबदला कर देने की मांग की। बताया जा रहा है कि ग्रामीण स्वास्थ्य सहायक का नियोक्ता अधिकारी संचालक स्वास्थ्य सेवाएं होते ऐसे में जिला स्तर से उनका तबादला नहीं किया जा सकता था।

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वह फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर वाला पत्र जिसको लेकर एफआईआर हुई।

कहानी में दूसरा मोड़ तब आया जब करण देवांगन ने अपनी परेशानी कसडोल में पदस्थ साथी आरएमए रवि सेन से बात की और अपनी समस्या और डर को बताया। इसके बाद बताया जा रहा है कि रवि सेन ने भाजपा उपाध्यक्ष पुनी राम पटेल से तबादले की बात की और फिर यह बात जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी तक पहुंची, जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम के नाम से बात कर तबादला आदेश जारी कराने का आश्वासन दिया गया।

पोल खुलने पर स्वास्थ्य मंत्री से मिलवाने की हुई कोशिश

बताया जा रहा है कि 17 अगस्त को करण देवांगन की तबदला आदेश मिला। आदेश देखकर करण को गड़बड़ी का शक हुआ, तब उन्होंने भाजपा नेताओं से इसकी शिकायत की। बताया जा रहा है कि भाजपा नेताओं ने डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री का नाम लेकर जल्द ही जानकारी स्पष्ट करने का आश्वासन दिया। वहीं बलौदा बाजार पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री से मिलवाने सर्किट हाउस भी लेकर गए। बताया जा रहा है कि सर्किट हाउस में स्वास्थ्य मंत्री बैठक लेकर जब मुलाकात कर कर रहे थे भाजपा के नेताओं ने करण को बाहर छोड़कर खुद मुलाकात कर बाहर आए और बोले कि जल्द ही आदेश जारी कर दिया जाएगा और सीएमएचओ को फोन पर निर्देश दे दिया गया है।

कहानी इससे आगे बढ़ती है और करण देवांगन अपना तबादला आदेश लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी पहुंचे और बीएमओ डॉ पंकज वर्मा से मुलाकात की, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा डॉ पंकज वर्मा द्वारा सीएमएचओ डॉ राजेश अवस्थी से बात करने के बाद हो पाई। इसके बाद सीएमएचओ डॉक्टर अवस्थी ने बीएमओ डॉक्टर पंकज वर्मा को आदेश दिया गया कि तत्काल में थाने में मामला दर्ज कराएं।

बीएमओ की शिकायत पर हुई जांच तो लगाया अग्रिम जमानत अर्जी

बता दें कि डॉ पंकज वर्मा खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन द्वारा कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) बलौदाबाजार का एक फर्जी स्थानांतरण आदेश (क्रमांक .एच.एम./ ए. आर./2026-27/1359, दिनांक 14/08/2026) प्रस्तुत किया गया था। उक्त आदेश में आरोपी करण कुमार का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोपर (विकासखंड भाटापारा) स्थानांतरण होना दर्शाया गया था। जांच में पाया गया कि राज्य संवर्ग के कर्मचारी का स्थानांतरण अधिकार क्षेत्र केवल राज्य शासन के पास है। CMHO कार्यालय द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया था तथा आदेश पर अंकित हस्ताक्षर भी पूर्णतः फर्जी व कूटरचित पाए गए। बीएमओ डॉ पंकज वर्मा की शिकायत पर पलारी पुलिस मामले की जांच शुरू की। इधर जांच की जानकारी और फर्जी तबादला आदेश का मामला उजागर होने पर कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए करण देवांगन ने पलारी थाने में मामला दर्ज होने से पहले ही अग्रिम जमानत अर्जी लगा दी। इस बात की जानकारी न्यायालय से तलब किए गए केस डायरी के बाद हुई। बताया जा रहा है कि पुलिस ने मामला दर्ज नहीं होने और मामले की जांच जारी होने की जानकारी न्यायालय को दी गई। इधर जांच में पैसे की लेनदेन की बात सामने आ। शिकायत जांच पर बेईमानीपूर्वक कूटरचित फर्जी दस्तावेज तैयार कर, स्थानांतरण आदेश असली के रूप में प्रस्तुत करना पाए जाने पर आरोपियों के विरुद्ध थाना पलारी में अपराध क्र. 347/2026, धारा 318 (4), 336(3), 337, 338, 340(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

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पुलिस जांच में पूरा गिरोह धराया

पलारी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच एवं विवेचना कार्रवाई प्रारंभ किया गया। जिसमें फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार कर प्रस्तुत करने वाले आरोपी करण कुमार देवांगन सहित कुल 04 आरोपियों को हिरासत में लिया गया, जिनसे पूछताछ करने पर आरोपियों द्वारा एक राय होकर अपराध करना स्वीकार किया गया, जिस पर सभी चारों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की बढ़ी संख्या

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कर भाजपा के महामंत्री कृष्णा अवस्थी, उपाध्यक्ष पुनी राम पटेल के साथ ही आरएमए करण देवांगन और रवि सेन को पहले गिरफ्तार की। वहीं जांच में सामने आया है कि कंप्यूटर ऑपरेटर परख कश्यप ने फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर बनकर भाजपा महामंत्री कृष्णा अवस्थी के बेटे प्रणव अवस्थी को दिया था।

तबादले की हड़बड़ी में भाजपा नेताओं का खेल
भाजपा महामंत्री का बेटा प्रणव और कंप्यूटर ऑपरेटर परख कश्यप।

इसके आधार पर पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार किया है। फर्जी आदेश तैयार करने में इस्तेमाल किए गए कंप्यूटर सिस्टम और प्रिंटर को भी जब्त किया है। अब इन उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है। साथ ही पहले भी इसी तरह के फर्जी दस्तावेज या ट्रांसफर आदेश तैयार किए गए थे या नहीं। पुलिस इसके साथ ही महामंत्री कृष्णा अवस्थी के बेटे प्रणव अवस्थी को भी गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अब तक इस मामले में 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

जेल जाने की बारी आई तो बहाना बनाकर अस्पताल में हुए भर्ती, अब भेजे गए जेल

पलारी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद अब पुलिस सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार ग्रामीण स्वास्थ्य सहायक करण देवांगन और रवि सेन बीमारी का बहाना बनाकर जिला अस्पताल में भर्ती हो गया है। पुलिस का कहना है कि जिला अस्पताल के डॉक्टर उसका सहयोग कर रहे हैं। बीमारी क्या है? और किस रोग में भर्ती किया गया है? इसकी जानकारी नहीं दे रहे हैं।

तबादले की हड़बड़ी में भाजपा नेताओं का खेल
अस्पताल में भर्ती ग्रामीण चिकित्सा सहायक।
तबादले की हड़बड़ी में भाजपा नेताओं का खेल
जेल ले जाती पुलिस।

यहां तक कि रिपोर्ट नॉर्मल होने के बाद भी जिला अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा उसे लगातार भर्ती रखा जा रहा है। वहीं जब मीडियाकर्मी दोनों ग्रामीण स्वास्थ्य सहायकों के संबंध में जांच करने पहुंचे तो उनकी अस्पताल से छुट्टी कर दी गई और उन्हें पुलिस जेल भेज दी।

पहले भी रहा है विवादों से नाता

ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण देवांगन का विवादों से नाता रहा है। विवादों के कारण ही उन्हें पहले कसडोल विकासखंड में पदस्थ था तब विवाद के कारण उसका तबादला रोहान्सी हुआ था। बताया जा रहा है कि रोहान्सी में विवाद होने के कारण बीच में पलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी में अटैच किया गया था, लेकिन मंत्री का आदेश आने के बाद अटैचमेंट खत्म हुआ और उन्हें रोहान्सी वापस जाना पड़ा।

सीएमएचओ कार्यालय से शुरू हुई जांच

फर्जी साइन से ट्रांसफर ऑर्डर जारी होने के मामले में सीएमएचओ डॉ राजेश अवस्थी ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित किए हैं। इसमें पलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज वर्मा, जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर शामिल है।

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Author: UnfearNews

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