व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने उठाई मांगें, मानदेय बढ़ाने और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर डीईओ को सौंपा ज्ञापन

व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने उठाई मांगें, मानदेय बढ़ाने और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर डीईओ को सौंपा ज्ञापन

एजुकेशन रिपोर्टर|बलौदा बाजार

जिले में छत्तीसगढ़ नवीन व्यावसायिक प्रशिक्षक कल्याण संघ ने शासकीय स्कूलों में संचालित व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े प्रशिक्षकों की लंबित समस्याओं और विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने प्रशिक्षकों के मानदेय में वृद्धि, सेवा सुरक्षा और समय पर भुगतान के साथ ही पाठ्यक्रम के लिए पुस्तकों की व्यवस्था सहित कई मांगें रखी हैं।

व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने उठाई मांगें, मानदेय बढ़ाने और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर DEO को सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन सौंपते शिक्षक।

ज्ञापन में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 2014 से व्यावसायिक शिक्षा संचालित की जा रही है। बलौदा बाजार जिले के 53 सहित प्रदेश के लगभग 3,285 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगारपरक और कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं बलौदाबाजार जिले में करीब 106 व्यावसायिक प्रशिक्षक विद्यार्थियों को विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दे रहे हैं।

व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने उठाई मांगें, मानदेय बढ़ाने और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर DEO को सौंपा ज्ञापन
बलौदा बाजार जिले के व्यावसायिक शिक्षक।

संघ के अनुसार प्रदेश में ब्यूटी एंड वेलनेस, अपैरल, पावर, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी, कंस्ट्रक्शन, रिटेल, ऑटोमोबाइल, एग्रीकल्चर, टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, प्लंबिंग, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट, बैंकिंग एंड फाइनेंस तथा हेल्थकेयर सहित कई ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं।

प्रशिक्षकों ने हरियाणा और दिल्ली की तर्ज पर 38,100 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने की मांग की है। इसके साथ ही प्रत्येक वर्ष नियमित वेतनवृद्धि/इंक्रीमेंट का प्रावधान लागू करने की मांग भी की गई है। संघ ने तृतीय पक्ष अथवा कंपनी आधारित व्यवस्था को समाप्त कर प्रशिक्षकों को विभागीय व्यवस्था में समायोजित करते हुए सेवा सुरक्षा प्रदान करने की मांग रखी है।

ज्ञापन में PAB के अनुसार स्वीकृत मानदेय वृद्धि की लंबित राशि और एरियर्स का भुगतान करने के साथ मई और जून माह के लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इसके अलावा नवीन निविदा में पूर्व से कार्यरत प्रशिक्षकों को प्राथमिकता देने, अनुभवी प्रशिक्षकों को सेवा में पुनः बहाल करने, औद्योगिक भ्रमण और गेस्ट लेक्चर में की गई कटौती की राशि का भुगतान करने तथा प्रशिक्षकों को आकस्मिक, चिकित्सा और महिला प्रशिक्षकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा देने की मांग की गई है।
संघ ने यह भी मांग की है कि व्यावसायिक प्रशिक्षकों को उनके निर्धारित कार्यों के अतिरिक्त गैर-व्यावसायिक कार्यों में न लगाया जाए और उनके कार्य एवं दायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित किए जाएं। साथ ही अन्य राज्यों की तर्ज पर ग्रीष्मकालीन अवकाश की सुविधा देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

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संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी से मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि व्यावसायिक शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण रोजगारपरक एवं कौशल प्रशिक्षण मिलता रहे।

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Author: UnfearNews

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