जिला पंचायत में महिलाओं का वर्चस्व! यहां दूसरी बार महिला अध्यक्ष ने संभाली पद की जिम्मेदारी

जिला पंचायत में महिलाओं का वर्चस्व! यहां दूसरी बार महिला अध्यक्ष ने संभाली पद की जिम्मेदारी, 18 सदस्यों में से 10 सदस्य महिलाएं!

जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्यों का शपथ ग्रहण सम्पन्न, मंत्री टंकराम वर्मा बोले- डबल इंजन सरकार में विकास नहीं रुकेगा, बागियों पर दिया बयान।

जिला पंचायत में महिलाओं का वर्चस्व! यहां दूसरी बार महिला अध्यक्ष ने संभाली पद की जिम्मेदारी
जिला पंचायत में महिलाओं का वर्चस्व! यहां दूसरी बार महिला अध्यक्ष ने संभाली पद की जिम्मेदारी

 

“Women’s Dominance in District Panchayat! A Female President Takes Charge for the Second Time”

बलौदा बाजार। जिला पंचायत चुनाव में इस बार महिलाओं का प्रभाव साफ दिखा, क्योंकि 18 निर्वाचित सदस्यों में से 10 महिलाएं हैं। इससे पंचायत में महिला नेतृत्व को मजबूती मिलने की उम्मीद है। आकांक्षा गोलू जायसवाल को अध्यक्ष और पवन साहू को उपाध्यक्ष चुना गया है। दोनों ने अपने पद की शपथ ली। यह दूसरा मौका है जब जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में किसी महिला सदस्य को चुना गया है।

महिलाओं के बढ़ते वर्चस्व के साथ जिला पंचायत में विकास और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता देने की संभावना बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़े मुद्दों पर अब अधिक प्रभावी निर्णय लिए जा सकते हैं। इस बार के चुनाव में महिलाओं की भागीदारी ने प्रशासनिक ढांचे में एक नया आयाम जोड़ा है। आकांक्षा गोलू जायसवाल के अध्यक्ष बनने के साथ ही जिला पंचायत में 18 में से 10 महिलाओं का चुना जाना इस बदलाव की झलक दिखाता है।

महिला सदस्यों की सूची

आकांक्षा गोलू जायसवाल (अध्यक्ष), गीता डोमन वर्मा, इंदू जांगड़े, अंजली विमल साहू, प्रेमलता बालेश्वर वैष्णव, दामिनी कुजांम, गायत्री बेदराम बरिहा, सुनीता विमल देवांगन, शशि आनंद बंजारे, दीप्ती गोविंद वर्मा

पुरुष सदस्यों की सूची

पवन साहू (उपाध्यक्ष), डॉ. मोहन लाल वर्मा, ईशान वैष्णव (बिट्टू), राजा जायसवाल, अमर कुमार ध्रुव, महेंद्र मोनू साहू, रवि बंजारे, शैलेन्द्र बंजारे हैं।

जिला पंचायत अध्यक्ष की प्राथमिकताएं

अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल ने कहा कि उनकी प्राथमिकता ग्रामीण विकास, महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। सभी के सहयोग से क्षेत्र का विकास करेंगे। जनता का मदद करेंगे, सरकार की सभी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उपाध्यक्ष पवन साहू ने भी पंचायत के विकास कार्यों को गति देने का आश्वासन दिया।

राजनीतिक समीकरण और चुनौतियां

महिला नेतृत्व के उभरने से यह भी देखा जाना बाकी है कि प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। पंचायत में विभिन्न विचारधाराओं के प्रतिनिधि होने के कारण विकास कार्यों में सामंजस्य बैठाने की चुनौती भी होगी। वर्तमान समय में देखने को मिल रहा है कि महिलाएं चुनाव में निर्वाचित होकर आ तो जाती हैं लेकिन काम करने की बड़ी जब आती है तो उनके पति बेटे और घर के पुरुष ही पूरी जिम्मेदारी निभाते हैं। महिला जनप्रतिनिधि चूल्हा चौका पर ही रह जाती है। इस नए बदलाव के बाद अब देखना होगा कि प्रतिनिधि बनाने का सिलसिला खत्म होता है या पूर्व की भांति बरकरार रहता है।

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जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों का प्रथम सम्मेलन संपन्न

जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी निर्वाचित सदस्यों ने शपथ ग्रहण किया। जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल ने सभी को शपथ दिलाई। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंत्री ने बंद कमरे में जिला पंचायत के अधिकारी, कर्मचारियों की मौजूदगी में सदस्यों की मीटिंग लेकर राजनीति के गुर सिखाए। इसके बाद मीडिया से कहा कि डबल इंजन सरकार में विकास की गति नहीं रुकेगी। बागियों को पद दिए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इसे संगठन का निर्णय बताया।

भाजपा पर भारी नेताओं की गुटबाजी

बलौदा बाजार जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव के बाद कार्यकर्ताओं ने भाजपा के भीतर भारी गुटबाजी देखने का आरोप लगाया। कहा जा रहा है कि नेताओं ने जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के नाम के चयन में गुटबाजी की है। अपने अपने पसंद के प्रत्याशियों के नाम को नेताओं ने आगे किया और पद दिला दिया। बता दें कि भाजपा ने जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 8 से विजयी स्वतंत्र प्रत्याशी आकांक्षा जायसवाल का नाम अध्यक्ष के लिए और जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 से विजयी स्वतंत्र प्रत्याशी पवन साहू का नाम उपाध्यक्ष के लिए आगे किया था। इसके बाद नाटकीय तरीके से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय पहुंचे और इस निर्णय का विरोध करते हुए कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी किया। यहीं पर बता दें कि बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना था कि अध्यक्ष के नाम की घोषणा होने से पहले आकांक्षा जायसवाल भाजपा की लिस्ट में नहीं थी। सूची में पूर्व मंडल अध्यक्ष डोमन वर्मा की पत्नी गीता डोमन वर्मा और पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ सनम जांगड़े की पुत्री इंदु जांगड़े का नाम था। लेकिन जब नाम की घोषणा हुई तो बवाल मच गया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने जिला भाजपा कार्यालय का घेराव कर दिया। यह घेराव उस समय किया गया जब जिला कार्यालय में क्षेत्र के तमाम बड़े नेता मौजूद थे। खासकर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, जिला अध्यक्ष आनंद यादव की कार्यालय में उपस्थिति के दौरान कार्यकर्ताओं ने भारी लेन देन का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। यहीं पर कार्यकर्ताओं ने यह भी नारेबाजी की कि इस चुनाव में भाजपा के लिए पर्यवेक्षक को फॉर्च्यूनर कार, सदस्यों को 15- 15 लाख रुपए और स्कॉर्पियो गिफ्ट किया गया है। हालांकि इसकी सच्चाई कितनी थी किसी ने पुष्टि नहीं हो पाई, लेकिन कार्यकर्ताओं में यह चर्चा आम रही कि जल्द ही जिला पंचायत के सदस्य महंगी गाड़ियों में घूमते नजर आएंगे। हालांकि यह तो वक्त ही बताएगा कि क्या सच में लेन देन हुआ है या यह सिर्फ कोरा शगूफा और लोगों के बीच उड़ाई गई बातें थी। बहरहाल भाजपा के क्षेत्र क्रमांक 8 और 10 से घोषित प्रत्याशियों को हराकर आए भाजपा के बागी सदस्यों को ही भाजपा को शिरोधार्य करना पड़ा।

कुछ तो मजबूरियां रही होंगी सनम, यूं ही कोई बेवफा नहीं होता 

भाजपा ने जिस तरह से रातों रात अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के नाम को बदला उसके पीछे कई फैक्ट काम कर रहे थे। भाजपा में पिछले कई वर्षों से जुड़े हुए नेताओं का कहना है कि भाजपा की इस बेवफाई के कई कारण हैं, इनमें एक कारण 10 जून 2024 को बलौदा बाजार जिले के इतिहास में दर्ज आगजनी, तोड़फोड़, हिंसा की घटना भी शामिल है। इसके साथ ही भाजपा सरकार बनने के बाद जिले के शीर्ष नेतृत्व में विराजित कुछ नेताओं का प्रशासनिक अधिकारियों से बदसलूकी और वसूली की बात सामने आना, ऑडियो रिकॉर्ड शीर्ष नेतृत्व तक जाना। हालांकि इन ऑडियो में क्या है, किसने रिकॉर्ड किया और किसे दिया गया इस बात की स्पष्टता नहीं हो पाई, लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लिया और स्थानीय प्रतिनिधियों को इस बात को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेने का निर्देश दिया गया। एक कारण विधायक की दावेदारी से भी जुड़ी हुई है। कहा जा रहा है कि 2023 विधानसभा चुनाव में बलौदा बाजार विधानसभा क्षेत्र से कई दावेदार थे, इस दावेदारी को 2028 विधानसभा चुनाव में कम करने के लिए इस तरह से निर्णय लिया गया है। यह भी कहा जा रहा है कि ओबीसी बाहुल्य बलौदा बाजार विधानसभा सीट पर जाति फैक्टर चलेगा, ऐसे में कुर्मी समाज को प्रतिनिधित्व मिलेगा, इसलिए भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर गीता डोमन वर्मा को नहीं बिठाया गया, क्योंकि वे आगामी चुनाव में विधायक की दावेदारी कर देती, इसलिए उन्हें रोकने के लिए भी कई खेल खेले गए। हालांकि इस बात पर सच्चाई कितनी है यह तो बीजेपी ही जाने लेकिन चर्चा सरेआम हो रही है।

सभापति पर जाति समीकरण बिठाने सभी झोंक रहे ताकत 

जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के चयन के बाद अब सभापतियों के चयन की बारी है। इसको लेकर सभी सदस्य जोर आजमाइश कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि सभापति जाति समीकरण के हिसाब से तय होगा। इधर यह भी कहा जा रहा है कि शपथ ग्रहण से पहले ही सतनामी समाज के विरोध के पीछे का कारण भले ही तात्कालिक मुद्दा आमंत्रण पत्र पर अपमानजनक शब्द लिखा जाना रहा हो, लेकिन सच्चाई यह भी है कि जिला पंचायत में अनुसूचित जाति वर्ग को महत्व नहीं मिला है, इस लिए भी इस वर्ग से सभापति बनाने के लिए दबाव बनाए जाने की राजनीति शुरू हो गई है। जिससे इस वर्ग के प्रतिनिधित्व को जिला पंचायत में स्थान दिलाया जा सके। इधर जाति समीकरण को देखते हुए कई और सदस्य भी ताकत झोंकने में लगे हुए हैं। बहरहाल जिला पंचायत की अगली बैठक में सभी नामों पर निर्णय लेने की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रतिनिधियों की बल्ले बल्ले 

शपथ ग्रहण समारोह के बाद से ही महिला सदस्यों के प्रतिनिधियों की बल्ले बल्ले होने वाली है। अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल के प्रतिनिधि के रूप में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष चितावर जायसवाल देखने को मिले। शपथ और सम्मान समारोह से निकलकर सीधे चितावर जायसवाल थाने पहुंचे और यहां सतनामी समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उधर जिला पंचायत में ज्यादातर महिला सदस्यों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
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Author: UnfearNews

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