
प्रशासनिक डेस्क | बलौदा बाजार
छत्तीसगढ़ में किसानों की आय दोगुनी करने और काष्ठ आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत किसानों, शासकीय संस्थाओं, निजी शिक्षण संस्थाओं और अन्य पात्र हितग्राहियों को उनकी भूमि पर वृक्षारोपण के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। योजना में सागौन, बांस, मिलिया डुबिया (मालाबार नीम) और क्लोनल नीलगिरी जैसे वाणिज्यिक पौधों के रोपण का प्रावधान किया गया है। पांच एकड़ तक की भूमि पर 100% और इससे अधिक भूमि पर 50% अनुदान दिया जाएगा।
योजना की खासियत यह है कि सहयोगी संस्थाओं और निजी कंपनियों के माध्यम से रोपण के बाद उत्पादों की गारंटीयुक्त खरीद (बायबैक) की व्यवस्था की गई है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा। योजना न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास में भी सहायक होगी।
योजना से ऐसे मिलेगा लाभ
योजना के तहत किसानों को गारंटीयुक्त खरीद से उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा। वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और औद्योगिक प्रोत्साहन मिलेगा। पेपर मिल, प्लाईवुड और फर्नीचर उद्योगों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। साथ ही, भविष्य में कार्बन क्रेडिट के जरिए किसानों को अतिरिक्त आय का लाभ मिलेगा।
अनुदान सीधे खाते में स्थानांतरित होगा
रोपण कार्य हितग्राही द्वारा किया जाएगा। वन विभाग तकनीकी मार्गदर्शन और सत्यापन के बाद अनुदान की राशि सीधे किसानों के खाते में जमा करेगा। तैयार उत्पादों की कटाई और बिक्री का निर्णय वन विभाग की देखरेख में होगा।
ये भूमि स्वामी होंगे पात्र
इस योजना का लाभ सभी इच्छुक भूमि स्वामी, शासकीय और अर्ध-शासकीय संस्थाएं, पंचायतें, निजी शिक्षण संस्थाएं और अनुबंधित भूमि धारक उठा सकते हैं। आवेदन के लिए किसान वन विभाग से संपर्क कर सकते हैं। यह योजना किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को हरित प्रदेश बनाने में भी मदद करेगी।
Author: UnfearNews
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