
स्थानीय युवाओं को रोजगार देने श्री सीमेंट की आनाकानी, 30 दिन में मांग नहीं माने तो होगा अनिश्चितकालीन प्रदर्शन
बलौदा बाजार| रोजगार की मांग को लेकर खपराडीह स्थित श्री सीमेंट प्लांट में जमकर प्रदर्शन हुआ। जिले में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग को लेकर यह प्रदर्शन जिला पंचायत सभापति ईशान वैष्णव के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान प्रबंधन को 30 दिन का समय दिया गया है। इसमें संयंत्र प्रभावित क्षेत्र के 100 स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने कहा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अनिश्चितकालिन प्रदर्शन होगा जिसके लिए प्रबंधन जिम्मेदार होगा।

बलौदा बाजार जिले के ग्राम खपराडीह में स्थित श्री सीमेंट संयंत्र में लगातार स्थानीय बेरोजगार युवाओं की अनदेखी की जा रही है। कंपनी प्रबंधन द्वारा स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण यहां के बेरोजगार युवा रोजी रोटी की तलाश में दूसरे प्रदेशों में जाने को मजबूर हो रहे हैं। पिछले दिनों हालत ऐसे बने की स्थानीय बेरोजगारों को दूसरे प्रदेशों में बंधक बनाकर बंधुआ मजदूरी कराए जाने का मामला भी सामने आया है। जबकि स्थानीय स्तर पर श्री सीमेंट में बड़ी संख्या में रोजगार के साधन उपलब्ध हैं और इन साधनों को दूसरे प्रदेशों के लोगों को दिया जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय स्तर पर अब आक्रोश पनपता जा रहा है। कंपनियों के द्वारा रोजगार उपलब्ध नहीं करने से स्थानीय लोग आक्रोशित हो रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी जमीन लेकर कंपनी की स्थापना की गई और अब उन्हें मजदूरी के लायक भी नहीं समझा जा रहा है। यहां तक कि छोटे-छोटे कामों के लिए भी दूसरे प्रदेशों के लोगों को कम पर रखा जा रहा है। इस बात की नाराजगी स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक भी पहुंचाई गई। जिसके बाद जनप्रतिनिधियों ने भी युवाओं को रोजगार देने की पहल की, लेकिन बताया जा रहा है कि श्री सीमेंट प्रबंधन के द्वारा स्थानीय बेरोजगार युवाओं के विषय में जनप्रतिनिधियों को भी ठेंगा दिखा दिया गया। जिस बात से नाराज होकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अब श्री सीमेंट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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बताया जा रहा है कि श्री सीमेंट प्रबंधन की मनमानी और उसके अनुचित व्यवहार के कारण आने वाले समय में और भी बड़ा प्रदर्शन और कंपनी के उत्पादन को भी बंद करने के विषय में निर्णय लिया जा सकता है। स्थानीय स्तर पर इस बात की जोरदार चर्चा है कि श्री सीमेंट प्रबंधन लगातार क्षेत्र में मनमानी कर रहा है, जिसपर प्रशासन की अनदेखी से अब आक्रोश पनपता जा रहा है। बता दें कि इससे पहले भी श्री सीमेंट प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन हो चुका है। बता दें कि स्थानीय स्तर पर जिन लोगों को रोजगार दिया गया है उन लोगों को भी उचित वेतन नहीं दिया जा रहा है, बेगारी कराई जा रही है। इस बात को लेकर कर्मचारियों और मजदूरों ने यूनियन बनाकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद बताया जा रहा है कि श्री सीमेंट प्रबंधन में बड़ा बदलाव हुआ है यूनिट हेड से लेकर कई उच्च अधिकारियों के तबादले और छटनी की कार्यवाही की गई थी। अब एक बार फिर श्री सीमेंट प्रबंधन के खिलाफ लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और लोग मुखर होकर अपनी बातें रखना शुरू कर दिए हैं।
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जिला पंचायत सभापति ईशान वैष्णव ने कहा है कि क्षेत्र के स्थानीय बेरोजगार युवाओं के हित में प्रमुख मांग है कि श्री सीमेंट प्लांट द्वारा स्थानीय 100 बेरोजगार युवाओं को रोजगार का अवसर प्रदान करे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां संचालित होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। युवाओं के भविष्य और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए कंपनी प्रबंधन से बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करने की ठोस पहल की करने कहा है।

जिला पंचायत सभापति ने कहा कि अगर बात नहीं मानी गई तो एक माह बाद बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। तब मांग पूरी होने तक धरना अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कंपनी प्रबंधन जिला पंचायत क्षेत्र के युवाओं के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए 100 बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करेगा।
इस संबंध जब सिमगा एसडीएम अतुल शेटे से बात की गई तो उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन सौंपा गया है जिसमें 100 स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है इस बात को लेकर कंपनी प्रबंधन से चर्चा की जा रही है।
प्रबंधन ने बनाया मीडिया से दूरी
वही इस संबंध में जब कंपनी प्रबंधन से बात करने का प्रयास किया गया तो न तो प्रबंधन मीडिया से मिलने की जहमत उठाया और न ही इस संबंध में कोई चर्चा की यहां तक कि यूनिट हेड देवेंद्र भारद्वाज, एचआर हेड देवेंद्र सिंह ने मीडिया कर्मियों का फोन नहीं उठाया और जब सिक्योरिटी गार्ड को उनके कार्यालय में भेजा गया तो उन्होंने भोजन अवकाश पर जाने की जानकारी देते हुए न मिलने का बहाना बना दिया गया।
इस बात अंदाजा लगाया सकता है कि जब मीडिया कर्मियों से कंपनी प्रबंधन मिलने को तैयार नहीं है तब स्थानीय बेरोजगारों से किस तरीके का सलूक किया जाता होगा। जिस तरीके से युवाओं में आक्रोश है वह निश्चित तौर पर कहा जा सकता है कि श्री सीमेंट कंपनी प्रबंधन यूनिट हेड और एचआर सहित तमाम प्रबंधन की मनमानी जाहिर तौर पर दिखाई दे रही है। अब देखने की बात होगी कि आगे बेरोजगार युवाओं के तरफ से किस तरह के निर्णय लिए जाते हैं और किस तरह से उनका आक्रोश निकलकर सामने आता है। साथ ही यह भी देखने की बात होगी कि क्या जिला प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा कंपनी प्रबंधन से स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाता है।
Author: UnfearNews
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