
मोटर साइकिल पर किसान बनकर पहुंचे उपसंचालक: करही बाजार के बबला कृषि केंद्र में 1350 का खाद 2700 में मिला
प्रशासनिक रिपोर्टर| बलौदा बाजार
नीला टी शर्ट और फॉर्मल पेंट के साथ सिर पर पागा बांधे मोटर साइकिल पर किसान के साथ जाता हुआ कोई भी व्यक्ति किसी उप संचालक है इसका कोई अंदाजा नहीं लगा सकता। ऐसा ही कुछ आज बलौदा बाजार जिले के करही बाजार में देखने को मिला। जब कृषि उप संचालक लगातार मिल रही शिकायत पर एक किसान के साथ बलौदा बाजार से टीम लेकर करही बाजार पहुंचे। यहां उन्होंने किसान की मोटर सायकल में टी शर्ट और पेंट के साथ चप्पल पहनकर सिर में पागा बांधकर बबला कृषि केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने पहले किसान के लिए दो बोरी डीएपी खाद खरीदा, जिसकी कीमत दुकानदार ने 2700 रुपए के हिसाब से 5400 रुपए लिया। इसके बाद जब दुकान से वे रवाना हुए तो उन्होंने टीम को फोन कर सूचना दीं टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए दुकान को सील कर दिया है।

दरअसल बलौदा बाजार जिले में किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने और अनियमित तरीके से स्टॉक रखने के मामले की शिकायत लगातार कृषि विभाग को मिल रही थी। नयी शिकायत करही बाजार से मिली। जिसके बाद उप संचालक कृषि दीपक नायक टीम के साथ बड़ी कार्रवाई करने करही बाजार स्थित बाबला कृषि केंद्र में निरीक्षण करने का निर्णय लिया। किसान के साथ जब वे दुकान पहुंचे तो उन्हें डीएपी खाद की कालाबाजारी का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि भारत डीएपी खाद, जिसकी वास्तविक कीमत लगभग 1350 रुपये प्रति बोरी है, उसे किसानों को 2700 रुपये प्रति बोरी तक बेचा जा रहा था।

बता दें कि कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर कृषि विभाग के उप संचालक दीपक नायक एक किसान के साथ मोटर साइकिल पर बैठकर कृषि केंद्र पहुंचे और खाद की खरीदी की। अधिक दर पर खाद बेचा जाना पाए जाने पर निरीक्षक की टीम को बुलाया गया। कार्रवाई की अगुवाई उप संचालक कृषि दीपक कुमार नायक ने की। सूचना की गोपनीयता बनाए रखने के लिए वे किसान की मोटरसाइकिल में बैठकर दुकान तक पहुंचे और मौके पर जांच शुरू कर कार्रवाई की।

निरीक्षण के दौरान स्टॉक एवं अभिलेखों की जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं। विभागीय अधिकारियों ने पाया कि दुकान में उपलब्ध खाद का स्टॉक भाटापारा से लेना था, लेकिन दुकानदार ने यह खाद बिलासपुर जिले के बिल्हा स्थित गुप्ता ट्रेडर्स से लाकर बेच रहा था। स्टॉक के दस्तावेजों और रिकॉर्ड का मिलान करने पर परिवहन एवं विक्रय संबंधी गड़बड़ियां भी सामने आईं।

जांच टीम ने मौके पर मौजूद खाद के स्टॉक, विक्रय रजिस्टर, बिल एवं अन्य दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। प्रारंभिक जांच में किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने तथा खाद की कालाबाजारी किए जाने के संकेत मिले हैं। विभाग ने संबंधित दस्तावेज जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है। साथ ही नोटिस जारी कर जवाब तलब करते हुए दुकान को भी सील कर दिया गया है।
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उप संचालक कृषि दीपक नायक ने कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचने वालों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इस कार्रवाई में अनुविभागीय कृषि अधिकारी जयेन्द्र कंवर, कृषि निरीक्षक सीमांचल गौर एवं लोकनाथ दीवान सहित विभागीय अधिकारियों की टीम शामिल रही। कृषि विभाग द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कृषि केंद्र के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दीपक नायक ने किसानों से अपील की है कि खाद एवं बीज खरीदते समय अधिकृत रसीद अवश्य लें और निर्धारित मूल्य से अधिक राशि मांगने पर तत्काल विभाग को शिकायत करें, ताकि ऐसे मामलों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। साथ ही उन्होंने कृषि केंद्रों से निर्धारित दर पर ही कृषि सामग्री को बेचे।
Author: UnfearNews
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