
खबर का असर: Unfear News की खबर पर जिला प्रशासन हरकत में, कलेक्टर ने लिया संज्ञान — मोहितराम वर्मा की जमीन विवाद के समाधान का दिलाया भरोसा
प्रशासनिक रिपोर्टर|बलौदा बाजार
राजस्व मंत्री के गृह जिले बलौदा बाजार में 15 वर्षों से अपनी पुश्तैनी जमीन के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे बुजुर्ग मोहितराम वर्मा की खबर प्रसारित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। न्यूज पोर्टल Unfear News में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने मामले का संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि मोहितराम वर्मा लंबे समय से ग्राम अर्जुनी में स्थित अपनी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए तहसील, एसडीएम कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय और न्यायालयों के चक्कर काट रहे थे। हाईकोर्ट तक से उनके पक्ष में आदेश आने के बावजूद उन्हें जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका था। लगातार न्याय नहीं मिलने से परेशान होकर उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और आत्मदाह तक की चेतावनी दे दी थी। इसपर Unfear News पोर्टल पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया गया था।

यह मामला सामने आने के बाद कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने इसे गंभीरता से लिया और एसडीएम बलौदा बाजार को तत्काल जांच एवं समाधान के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि मोहितराम वर्मा के ग्राम अर्जुनी स्थित पुश्तैनी जमीन पर अतिक्रमण के मामले में दस्तावेजों की जांच, परीक्षण और नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासनिक निर्देश के बाद एसडीएम बलौदा बाजार प्रकाश कोरी एवं तहसीलदार ने मामले में तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसडीएम प्रकाश कोरी ने बताया कि मोहितराम वर्मा निवासी ग्राम अर्जुनी, तहसील बलौदा बाजार द्वारा ग्राम अर्जुनी प.ह.नं. 10 स्थित भूमि खसरा नंबर 183, रकबा 0.615 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक हीरालाल एवं जवाहरलाल पिता मोहनलाल द्वारा किए गए अनाधिकृत कब्जे को हटाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था।
उन्होंने बताया कि आवेदक द्वारा जिला कलेक्टर के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल एवं आत्मदाह की सूचना भी दी गई थी। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर एसडीएम एवं तहसीलदार द्वारा तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
प्रशासन द्वारा 15 दिनों के भीतर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने और उचित वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर मोहितराम वर्मा ने संतुष्टि व्यक्त की है। मोहितराम वर्मा ने कहा कि 7 मई को दिए गए आवेदन पर प्रशासन ने गंभीरता से संज्ञान लिया है और 15 दिनों के भीतर जमीन अतिक्रमण मुक्त कराने का भरोसा दिया है। इससे उन्हें राहत मिली है और उन्होंने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ते-लड़ते वह थक चुके थे, लेकिन अब प्रशासन की सक्रियता से उन्हें उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें अपनी पुश्तैनी जमीन वापस मिलेगी।
यह मामला ऐसा मामला है जहां मीडिया में मुद्दा उठने के बाद प्रशासन ने तत्परता दिखाई। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन कार्रवाई करता, तो एक बुजुर्ग को आत्मदाह जैसी चेतावनी देने की नौबत नहीं आती। अब पूरे जिले की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है कि 15 वर्षों से न्याय की तलाश कर रहे मोहितराम वर्मा को आखिरकार कब वास्तविक न्याय मिल पाता है।
Author: UnfearNews
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