बलौदा बाजार के लिए बड़ा फैसला: ईएसआईसी अस्पताल के लिए कलेक्टर ने यहां पर आवंटित की जमीन

बलौदा बाजार के लिए बड़ा फैसला

बलौदा बाजार के लिए बड़ा फैसला: ईएसआईसी अस्पताल के लिए कलेक्टर ने यहां पर आवंटित की जमीन

प्रशासनिक रिपोर्टर|बलौदा बाजार

सीमेंट, पावर और इस्पात उद्योगों के तेजी से विस्तार के बीच बलौदा बाजार-भाटापरा जिला अब छत्तीसगढ़ ही नहीं देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बन चुका है। हजारों श्रमिकों और तकनीकी कर्मचारियों की बढ़ती संख्या के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़ी जरूरत को देखते हुए कलेक्टर दीपक सोनी ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) के तहत औषधालय निर्माण के लिए भूमि आवंटन का आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश जिले के औद्योगिक भविष्य के लिए रणनीतिक और श्रमिक हितैषी कदम साबित होगा।

बलौदा बाजार के लिए बड़ा फैसला
कलेक्टर दीपक सोनी ने किया आदेश जारी।

बलौदा बाजार-भाटापरा जिले में काम करने वाले हजारों श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कलेक्टर दीपक सोनी ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) के तहत अस्पताल/औषधालय निर्माण के लिए भूमि आवंटन का आदेश जारी कर दिया है। औद्योगिक विस्तार के बीच बलौदाबाजार जिले में श्रमिकों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जारी आदेश के अनुसार तहसील बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम कोकड़ी स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 845/2/क के कुल 5.041 हेक्टेयर रकबे में से 0.129 हेक्टेयर भूमि को छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 237(3) के तहत नोईयत परिवर्तन करते हुए श्रम विभाग को कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय निर्माण हेतु निःशुल्क आवंटित किया गया है। यह भूमि सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, बलौदाबाजार को शर्तों के अधीन प्रदान की गई है। इस फैसले से जिले के सीमेंट, पावर और स्टील उद्योगों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।

उद्योगों के इस तेजी से विस्तार के साथ सबसे बड़ी आवश्यकता स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं की होती है। औद्योगिक क्षेत्रों में दुर्घटनाओं, स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों और नियमित मेडिकल जांच की जरूरत हमेशा बनी रहती है। ऐसे में ईएसआई औषधालय का निर्माण जिले के औद्योगिक ढांचे के लिए आधारभूत सुविधा के रूप में देखा जा रहा है।

तेजी से बढ़ रहा जिले का औद्योगिक परिदृश्य

बलौदाबाजार जिला अब छत्तीसगढ़ के सबसे तेजी से विकसित होते औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल हो चुका है। यहां 7 से अधिक बड़े सीमेंट प्लांट स्थापित हैं और अलग-अलग यूनिटों को मिलाकर 21 से ज्यादा सीमेंट उत्पादन एवं ऑटोमेशन यूनिटें संचालित हो रही हैं। इसके साथ ही कई पावर प्लांट, स्टील प्लांट और इस्पात उद्योग भी सक्रिय हैं। इन सभी इकाइयों में बड़ी संख्या में स्थानीय और बाहरी श्रमिक, इंजीनियर, सुपरवाइजर, तकनीकी स्टाफ और प्रशासनिक कर्मचारी कार्यरत हैं।

हॉस्पिटल बनने से क्या बदलेगा?

ईएसआई औषधालय शुरू होने से औद्योगिक श्रमिकों और कर्मचारियों को प्राथमिक इलाज, दवाइयों की सुविधा, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, औद्योगिक दुर्घटनाओं में तत्काल उपचार और जरूरत पड़ने पर बड़े अस्पतालों के लिए रेफरल सेवाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी। इससे इलाज के लिए रायपुर या अन्य शहरों की दौड़ कम होगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। इसके साथ ही ईएसआई योजना के अंतर्गत श्रमिकों के परिवारों को भी चिकित्सा सुविधा मिलती है। यानी इस औषधालय से हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। लंबे समय में इससे श्रमिकों की सेहत बेहतर रहेगी, कामकाज में निरंतरता बनी रहेगी और उद्योगों की उत्पादकता पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

भविष्य की जरूरतें: ईएसआईसी कार्यालय और अन्य संस्थान

स्थानीय स्तर पर उद्योगों से जुड़े लोगों का कहना है कि अभी बलौदाबाजार जिले में ईएसआईसी का स्वतंत्र कार्यालय नहीं होने के कारण कर्मचारियों और उद्योग प्रबंधन को कई प्रक्रियाओं के लिए दूसरे जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में औषधालय के साथ-साथ भविष्य में ईएसआईसी कार्यालय की स्थापना भी जरूरी मानी जा रही है, ताकि पंजीयन, दावा निपटान, मेडिकल रेफरल, बीमा संबंधी प्रक्रियाएं और श्रमिक कल्याण योजनाएं यहीं से संचालित हो सकें। इसके अलावा औद्योगिक विस्तार को देखते हुए श्रम विभाग के अन्य कार्यालय, औद्योगिक सुरक्षा निरीक्षण इकाइयां, पर्यावरण निगरानी से जुड़े दफ्तर, कौशल विकास केंद्र और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की भी आवश्यकता आने वाले समय में महसूस की जा रही है।

औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक ढांचे का निर्माण

प्रशासनिक हलकों में इस निर्णय को केवल भूमि आवंटन भर नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है। जिस गति से बलौदाबाजार उद्योगों का हब बनता जा रहा है, उसी अनुपात में श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए अस्पताल, कार्यालय और कल्याणकारी संस्थानों का विस्तार जरूरी होगा। ईएसआई औषधालय के लिए भूमि आवंटन को इसी भविष्य की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है, जिससे जिले के औद्योगिक विकास को स्थायित्व और संतुलन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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आपातकाल में रायपुर के अस्पतालों पर रहना पड़ता है निर्भर

बता दें कि बलौदा बाजार जिले में अल्ट्राटेक, अदानी अंबुजा, न्यूवोको, न्यूविष्टा, श्री सीमेंट के प्लांट हैं। इसके अलावा 1000 से अधिक पोहा, दाल और राइस मिल हैं। इस्पात कारखाना, स्टील, पाइप और बड़ी संख्या में पवार प्लांट हैं। अभी इन जगहों पर कार्यरत मजदूरों के साथ किसी भी तरीके की दुर्घटना होने पर उन्हें सरकारी अस्पताल से सीधे रायपुर रेफर कर दिया जाता है। यहां के लोगों को अभी अच्छे स्वास्थ्य सुविधा के लिए रायपुर पर निर्भर रहना पड़ता है।

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Author: UnfearNews

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