नेशनल लोक अदालत से पहले पुलिस की चालानी कार्रवाई: लोगों में बढ़ी नाराजगी, उठ रहे सवाल

नेशनल लोक अदालत से पहले पुलिस की चालानी कार्रवाई: लोगों में बढ़ी नाराजगी, उठ रहे सवाल

क्राइम रिपोर्टर|बलौदा बाजार

नेशनल लोक अदालत 13 दिसंबर को होनी है, इसको ध्यान में रखते हुए जिले में पुलिस विभाग द्वारा चालानी कार्रवाई लगातार बढ़ा दी गई है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की लगातार चेकिंग, चालान और वाहन कार्रवाई से आमजन खासा परेशान नजर आ रहा है। लोगों का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर चालान की संख्या बढ़ा रही है, ताकि लोक अदालत में अधिक मामले पेश किए जा सकें। इससे राजस्व तो बढ़ेगा, लेकिन पुलिस और जनता के बीच की दूरी और अधिक गहरी होती जाएगी।

नेशनल लोक अदालत से पहले पुलिस की चालानी कार्रवाई: लोगों में बढ़ी नाराजगी, उठ रहे सवाल
बलौदा बाजार में पुलिस कार्रवाई।

स्थानीय नागरिक, व्यापारियों व वाहन चालकों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से पुलिस की कार्रवाई अचानक तेज हुई है। छोटी-छोटी गलतियों पर भी चालान काटे जा रहे हैं, जिससे लोग दबाव महसूस कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि शहर आने वाले सभी मार्गों पर पुलिस चलानी कार्रवाई कर रही है इससे उनका व्यवसाय प्रभावित होने लगा है। वहीं लोगों का आरोप है कि पुलिस यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर चलाने की बात कह रही है, ताकि नेशनल लोक अदालत में अधिक संख्या में समझौता योग्य प्रकरण भेजे जा सकें।

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वहीं दूसरी ओर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि चालानी कार्रवाई कोर्ट के निर्देश पर ही की जा रही है। ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। वहीं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से सेवानिवृत अधिकारियों और अधिवक्ताओं का कहना है कि लोक अदालत में केवल वही प्रकरण भेजे जाते हैं, जो नियमों के अनुरूप समझौता योग्य होते हैं।

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नेशनल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य ही समझौते और सहमति के आधार पर लोगों के विवादों का त्वरित निपटारा करना है। लेकिन लोग यह भी कह रहे हैं कि जब चालान की संख्या जबरन बढ़ाई जाएगी, तो लोक अदालत में पुलिस व न्यायालय द्वारा लोगों को समझौते के लिए बाध्य किया जाएगा। इससे नागरिकों और पुलिस के बीच अविश्वास बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

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आमजन के मुताबिक, पुलिस विभाग का राजस्व तो बढ़ेगा, लेकिन जनता के साथ खटास और दूरी भी साथ-साथ बढ़ती जा रही है। शहर में चल रहे इस अभियान को लेकर लोगों में असंतोष साफ देखा जा सकता है। फिलहाल पुलिस अपने तर्क पर कायम है कि पूरी कार्रवाई कानून और न्यायालय के निर्देशों के तहत ही हो रही है। लेकिन आम जन, व्यापारियों का इसमें नुकसान हो रहा है, सिर्फ समझौते के लिए कोर्ट तक लोगों को दौड़ाना कितना उचित है अपनी राय दें।

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Author: UnfearNews

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