
वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी प्रतियोगिता: वन्य जीव सप्ताह के अवसर पर बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में होगा आयोजन

वाइल्डलाइफ वीक 2025 पर बारनवापारा अभयारण्य में ‘कैप्चर टू कंजर्व’ विषय पर वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी प्रतियोगिता, 6 अक्टूबर तक प्रविष्टियाँ आमंत्रित। विजेताओं को ₹10,000 तक पुरस्कार, छत्तीसगढ़ की जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण पर केंद्रित आयोजन।
प्रशासनिक रिपोर्टर|बलौदा बाजार
वाइल्डलाइफ वीक 2025 पर बारनवापारा अभयारण्य में ‘कैप्चर टू कंजर्व’ विषय पर वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी प्रतियोगिता, 6 अक्टूबर तक प्रविष्टियाँ आमंत्रित। विजेताओं को ₹10,000 तक पुरस्कार, छत्तीसगढ़ की जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण पर केंद्रित आयोजन।

बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में 02 अक्टूबर से 08 अक्टूबर 2025 तक वाइल्डलाइफ वीक के अवसर पर “कैप्चर टू कंजर्व” विषय पर राज्य स्तरीय वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी प्रतियोगिता होगी। वन मंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों और जैव विविधता के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और फोटोग्राफी के माध्यम से प्रकृति की सुंदरता को दस्तावेज करना है।
प्रतियोगिता में शामिल होने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है। विजेताओं को नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे — प्रथम पुरस्कार 10,000 रुपए, द्वितीय पुरस्कार 7,000 रुपए और तृतीय पुरस्कार 5,000 रुपए। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों को दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर गूगल फॉर्म भरना होगा। साथ ही, छत्तीसगढ़ से संबंधित वन्यजीवों और प्राकृतिक दृश्यों की तस्वीरें ही स्वीकार की जाएंगी। प्रतिभागियों को सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर प्रविष्टि को अस्वीकार कर दिया जाएगा। परिणाम की घोषणा 7 अक्टूबर को की जाएगी।
बारनवापारा अभयारण्य की खासियत
बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य, छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार-भाटापारा जिले में स्थित है और लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह क्षेत्र घने साल, टीक, बांस और विभिन्न झाड़ियों से आच्छादित है। यहां समृद्ध वन्यजीव विविधता पाई जाती है। यहां प्रमुख जीवों में चितल, सांभर, चौसिंगा, नीलगाय, जंगली भैंसा, गौर, सियार, लकड़बग्घा और साही शामिल हैं। वहीं शिकारी जीवों में तेंदुआ, जंगली कुत्ते (ढोल), लोमड़ी और जंगल कैट प्रमुख हैं। यह अभयारण्य सैकड़ों प्रजातियों के पक्षियों के लिए भी प्रसिद्ध है, जिनमें मोर, मोरनी, बगुला, तोता, हुदहुद, कठफोड़वा और विभिन्न प्रवासी पक्षी शामिल हैं। विभिन्न प्रजाति की तितलियां, कई प्रकार के सरीसृप और उभयचर प्रजातियां भी पाई जाती हैं।
वन मंडलाधिकारी ने बताया कि यह प्रतियोगिता न केवल फोटोग्राफरों को अपनी कला दिखाने का अवसर देगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर और वन्यजीवों को संरक्षित करने की दिशा में लोगों को जागरूक करने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
प्रतिभागी पंजीकरण के लिए गूगल फॉर्म लिंक पर क्लिक कर सकते हैं अथवा दिए गए QR कोड को स्कैन कर सकते हैं। पंजीकरण कर हेतु गूगल फॉर्म लिंक 👉 https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeYNEIjjXZXro4mHuJNDZdc5m5iOEBqvq9lU7_5iy9hfTCF1w/viewform अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक अथवा QR कोड स्कैन किया जा सकता है।
Author: Deependra Shukla
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