
बलौदा बाजार में जंगल राज: सोनाखान परिक्षेत्र अधिकारी पर गाली-गलौज और धमकी का आरोप, विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर वन कर्मी
बलौदा बाजार में जंगल राज की तस्वीर निकलकर आई सामने, सोनाखान परिक्षेत्र अधिकारी सुनीत साहू पर गाली-गलौज और धमकी का आरोप, महिला कर्मचारियों से भी अभद्रता की शिकायत। कार्रवाई न होने से छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, विभागीय कामकाज ठप, पढ़िए पूरी खबर…
प्रशासनिक रिपोर्टर|बलौदा बाजार
छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ इन दिनों अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। कर्मचारियों ने अपने ही अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि बलौदा बाजार वन मंडल के सोनाखान परिक्षेत्र अधिकारी सुनीत साहू दफ्तर में कर्मचारियों से लगातार अभद्रता और गाली-गलौज कर रहे हैं। यही नहीं, वे कर्मचारियों को जेल भिजवाने और सस्पेंड करने की धमकी भी खुलेआम देते हैं।

17 सितंबर से हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि इस पूरे मामले की कई बार शिकायत वनमंडलाधिकारी से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, परिक्षेत्र अधिकारी का तबादला हो जाने के बाद भी वे अपने पद पर जमे हुए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उच्च अधिकारी जानबूझकर उन्हें भारमुक्त नहीं कर रहे हैं।

हड़ताल से वन विभाग का कामकाज हुआ ठप
कर्मचारियों के आंदोलन का असर अब सीधे विभागीय कामकाज पर दिखाई देने लगा है। वन विभाग गश्त, जंगल की निगरानी और अन्य नियमित कार्य लगभग ठप हो गए हैं। संघ का कहना है कि जब तक आरोपी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर उन्हें पद से हटाया नहीं जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

कर्मचारियों ने बताया अपना दर्द
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि वे रोज-रोज के अपमान से तंग आ चुके हैं। हम नौकरी करने आए हैं, गाली खाने और धमकी सहने के लिए नहीं। यह लड़ाई अब हमारी गरिमा और सम्मान की है।
महिला कर्मचारियों से भी अभद्रता कर रहे रेंजर
छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ बलौदा बाजार के जिला अध्यक्ष मनबोधन टंडन ने बताया कि सोना खान परिक्षेत्र के रेंजर सुनीत साहू अपने कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के साथ ही महिला कर्मियों के साथ भी अभद्रता से बात करते हैं। उनके साथ बदसलूकी करते हैं। इस बात की शिकायत वन मंडल अधिकारी से की गई है लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। संघ के सचिव रजनीश वर्मा ने बताया कि सुनीत साहू का तबादला हो चुका है, लेकिन उच्च अधिकारी उन्हें भार मुक्त नहीं कर रहे। इसके कारण हमें आंदोलन की राह पर चलना पड़ रहा है। जब तक सुमित साहू को बाहर मुक्त नहीं कर दिया जाता और यहां से उन्हें हटा नहीं दिया जाता है यह आंदोलन चलता रहेगा।
मीडियाकर्मियों से नहीं मिले डीएफओ
इस पूरे मामले को लेकर बलौदा बाजार वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील से बात करने की कोशिश की हमने की। कार्यालय में मिलने के लिए समय लिया गया, लेकिन उन्होंने समय नहीं दिया। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कहीं ना कहीं दाल में कुछ काला है। जंगल राज हावी है। बहरहाल अब देखना यह होगा कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद आईएफएस गणवीर धम्मशील किस तरह की कार्रवाई करते हैं और कैसी रिपोर्ट अपने उच्च कार्यालय को देते हैं।
Author: Deependra Shukla
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