
केंद्रीय गृहमंत्री का दौरा: बस्तर पंडुम में बोले जो गांव कभी वीरान थे अब वहां स्कूलों की घंटियां बजती हैं, जानिए पूरी बातें…
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज दंतेवाड़ा जिले के दौरे पर हैं। वे यहां बस्तर पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान वे माता दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजन किए, साथ ही नक्सल प्रभावित नौ जिलों के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। यहां उन्होंने क्या कहा पढ़ें पूरी जानकारी…
सेंट्रल डेस्क|रायपुर
जहां कभी गोलियों की गूंज थी अब वहां मशीनों की आवाज आती है, जहां कभी गांव वीरान थे अब स्कूलों की घंटियां बज रही हैं। जहां सड़क स्वप्न था वहां सड़क नहीं अब राजमार्ग बना रहे हैं। जहां बच्चा स्कूल जाने से डरता था वहां कंप्यूटर पर बच्चा पूरे विश्व के साथ बात कर रहा है। हमें ऐसा ही बस्तर बनाना है। यह बातें केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दंतेवाड़ा जिले के दौरे के दौरान बस्तर पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान कही। इससे पहले वे माता दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजन किया। उन्होंने बस्तर पंडुम महोत्सव के मंच से कांग्रेस पर निशाना साधा तो नक्सलियों को सरेंडर कर विकास का भागीदार बनने के लिए न्योता दिया।

छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ को मार्च 2026 तक नक्सल प्रभाव से मुक्त करने का लक्ष्य है। इसी क्रम में सेना लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सेना का मनोबल बढ़ाने और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा कर वहां के रहवासियों से मिलकर नक्सल समस्या को जड़ से समाप्त करने की दिशा में लगातार योजना बनाकर काम कर रहे हैं।
इसी क्रम में एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। गृह मंत्री के दौरा कार्यक्रम के अनुसार वे आज दंतेवाड़ा जिले के दौरे पर हैं। बता दें कि छत्तीसगढ़ के 9 जिले घोर नक्सल प्रभावित जिलों में शामिल हैं। इन जिलों को नक्सल प्रभाव से मुक्त कराने के लिए तेजी से अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन जिलों के जनप्रतिनिधियों और सरपंचों से मुलाकात किए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दौरे की शुरुआत दंतेवाड़ा के प्रसिद्ध माता दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना से किया। इस दौरान वे राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को नमन किया और स्थानीय धार्मिक विश्वासों के प्रति सम्मान प्रकट किया।
बस्तर पंडुम गृहमंत्री अमित शाह का भाषण…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दंतेवाड़ा हाई स्कूल ग्राउंड में आयोजित बस्तर पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अपने भाषण की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि आज चैत्र नवरात्रि की अष्टमी है मैं मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद लेकर आया हूं कि अगली चैत्र नवरात्रि में यहां से लाल आतंकवाद समाप्त हो जाए। हमारा बस्तर खुशहाल हो जाए। उन्होंने दंतेश्वरी माई और छत्तीसगढ़ महतारी की जय के उद्घोष के साथ कहा कि रामलला का बर्थडे है और मैं रामलला के ननिहाल में भी आया हूं। यहां उन्होंने पूरे देश को रामनवमी की शुभकामनाएं दिया।

अमित शाह ने आगे जनजातीय समाज के आराध्य देवी देवताओं के नाम के साथ प्रणाम कर अपनी बात की शुरुआत की। उन्होंने कहा अष्टमी के दिन मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। यहां उन्होंने बस्तर के महाराज प्रवीण भांजा देव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रवीण भांजा देव ने जनजातियों के जल, जंगल, जमीन के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। यहां एक प्रजा वत्सल राजा के रूप में उनकी जो लोकप्रियता थी उस समय के कांग्रेस के आकाओं को सहन नहीं हुई इसलिए साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी। आज जब पूरा बस्तर लाल आतंक से मुक्त होने के कगार पर है विकास के रास्ते पर है तब प्रवीण भांजा देव जी की आत्मा जहां पर भी होगी वहां से बस्तर के वीडियो को आशीर्वाद दे रही होगी।

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि आज महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू जगजीवन राम की भी जन्म तिथि है। उन्हें प्रणाम करते हुए कहा कि बाबूजी ने देश के दलितों, आदिवासियों, दबे, कुचले, पिछड़े लोगों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। बाबूजी ने आजादी की लड़ाई भी लड़ी और स्वतंत्रता के बाद देश की विकास में बड़ा योगदान दिया।
मोदी का संदेश सुनाया
बस्तर पंडुम के मंच से गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं मोदी जी का संदेश लेकर आया हूं। बस्तर पंडुम में देश के हर आदिवासी जिले के कलाकारों को हम लेकर आएंगे। अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने के लिए भी दुनिया भर के राजदूत जो अपनी राजधानी में है उनको बस्तर के हर जिले में ले जाकर हमारी परंपराओं, संस्कृति और आदिवासी बच्चों की कलाओं को पूरे विश्व तक पहुंचाने का काम बीजेपी की सरकार करेगी।
गृहमंत्री ने बस्तर पंडुम के भव्यता को बताया
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि 1885 ग्राम पंचायत, 12 नगर पंचायत, 8 नगर परिषद, 1 नगर पालिका, 32 जनपद के 47000 कलाकारों ने यहां भाग लिया है। 12 मार्च से 5 अप्रैल तक जिला प्रशासन और सांस्कृतिक विभाग ने लगभग 5 करोड़ रुपए का आवंटन किया है, इन सबसे यह पहला इतना बड़ा सांस्कृतिक उत्सव बना है। उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय कला और संस्कृति, पारंपरिक लोक कलाएं, शिल्प, तीज त्योहार, खान-पान, रीति-रिवाज, बोली-भाषा, वेशभूषा, आभूषण, वाद्य यंत्र, पारंपरिक गीत, संगीत, व्यंजन, प्रिया पदार्थ इन सभी को मूल रूप में संवर्धित और संरक्षित करने का काम यह बस्तर पंडुम करेगा।
बस्तर के युवा आधुनिक शिक्षा प्राप्त करें: शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर की युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर का युवा सबसे आधुनिक शिक्षा प्राप्त करें। विश्व के युवाओं के साथ हर मंच पर दो-दो हाथ करें। दुनिया भर की संस्कृति, समृद्धि प्राप्त करें, परंतु अपनी संस्कृति, भाषा, अपने परंपराओं को कभी ना भूले। यह बस्तर की संस्कृति, यह बस्तर की बोलियां, यहां के गान, यहां के वाद्य, पेय पदार्थ, भोजन यह केवल छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण नहीं है यह भारत का गहना है। इसको हमें संजोकर रखना है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने बस्तर पंडुम के लिए किया घोषणा
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर पंडुम के मंच से अगले साल से होने वाले इस आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव इस बार साथ श्रेणी में मनाया गया, अगली बार 12 श्रेणियां में इसका आयोजन किया जाएगा। इसमें देशभर के आदिवासी आएंगे। उन्होंने इस महोत्सव में शामिल होने वाले और पुरस्कार पाने वालों को बधाई दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर पंडुम जब शुरू हुआ तो कहा जा रहा था कि इससे क्या हासिल होगा। उन्होंने कहा कि उनको मालूम नहीं है भारत की ताकत ही अनेकता में एकता है। भारत की ताकत अनेक प्रकार की संस्कृतियों का समागम है। अनेक परंपराएं, अनेक कलाएं, अनेक भाषाएं, अनेक बोलियां और विविध प्रकार के व्यंजन यह सब मिल आते हैं तब तो मेरा भारत बनता है। यह इन लोगों को मालूम नहीं है वे इनको भुला दिए थे।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि भारत का आंकलन भौतिक विकास, रुपया-पैसा और इंडस्ट्री में किया था। वह तो हम करेंगे ही दुनिया के साथ हर स्पर्धा में खड़े रहेंगे लेकिन हमारी बोलियां, हमारे लोकगीत, लोक नृत्य, भाषाएं, परंपरा व्यंजन, पेय पदार्थ, खाना, हमारे वेशभूषा, को भी संरक्षित करेंगे। यह बस्तर पंडुम उसकी शुरुआत है। उन्होंने कहा कि हमने बस्तर ओलंपिक किया अब हर साल करने वाले हैं। बस्तर पंडुम को भी कई गुना बड़ा करके 12 श्रेणियां में हर राज्य से आए कलाकारों से कराएंगे। यह भी कहा कि अगली बार जब राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर पंडुम महोत्सव मनाया जाएगा तब मैं विनती करने वाला हूं कि राष्ट्रपति महोदया उद्घाटन समारोह में आएं और आदिवासी भाइयों को आगे बढ़ाएं।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा वह जमाना चला गया
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जमाना चला गया जब यहां पर गोलियां चलती थी, बम धमाके होते थे। मैं आज भी जिनके हाथ में हथियार है और जिनके हाथ में हथियार नहीं है उन सभी नक्सली भाइयों को विनती करने आया हूं आप हथियार डाल दीजिए मुख्य धारा में आ जाइए आप हमारे अपने हैं। कोई भी नक्सली मारा जाता है किसी को आनंद नहीं होता है, लेकिन इस क्षेत्र को विकास चाहिए।
हमारे देश के प्रधानमंत्री चाहते जो 50 साल में विकास नहीं हुआ वह 5 साल में सब कुछ बस्तर को देना चाहते हैं। परंतु यह तभी हो सकता है जब बस्तर के अंदर शांति हो, बच्चे स्कूल में जाएं, माता के स्वास्थ्य की चिंता हो, आदिवासी युवा कुपोषण से पीड़ित ना हो, हर गांव में एक छोटा सा दवा खाना हो, तहसील में छोटी सी अस्पताल हो, जिला स्तर पर सभी रोगों का इलाज हो। हर घर में 7 किलो चावल फ्री में पहुंचता हो हर एक का आधार कार्ड, राशन कार्ड, स्वास्थ्य का बीमा हो। यह तभी संभव होगा जब यहां के लोग चाहेंगे और वे हर गांव को नक्सल से मुक्त बनाएंगे।
केंद्रीय गृहमंत्री ने नक्सल प्रभावित गांवों के लिए किया विशेष घोषणा
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जो गांव नक्सलियों को सरेंडर करेंगे उसे गांव को नक्सली मुक्त कर एक करोड रुपए का विकास राशि देंगे। एक गांव में जब एक करोड़ रूपया आएगा तो यहां के विकास देखते ही बनेगा। नक्सली तो अपना प्रचार करते हैं, हमारे युवाओं को मारते हैं। किसी को कोई मारना नहीं चाहता है। उन्होंने नक्सलियों से कहा कि आप कितना भी काम किए हो हथियार डाल दो मुख्य धारा में आ जाओ। तुम्हारा पूरा संरक्षण भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार करेगी। अब आप हथियार उठाकर पूरे बस्तर को बनाकर आदिवासी भाइयों का विकास नहीं रख सकते। हथियार डालकर शरण में जाइए आप भी विकास की प्रक्रिया में हिस्सेदार होइए, आज मैं मदद पूर्वक अपील करता हूं।
केंद्रीय गृहमंत्री ने लोकल फॉर वोकल की बात की
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोकल फॉर वोकल का नारा दिया है। हर जिले के उत्पाद को जीआई टैग से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। देशभर के बाजार में इसकी मार्केटिंग की व्यवस्था की है। आज बस्तर मेटल शिल्प, टेराकोटा, गोदना, चित्रकला, लकड़ी और पत्थर के शिल्प लोकल फॉर वोकल मैं दिल्ली में सबको भेंट करने के काम आते हैं। सभी आदिवासियों के रोजगार के लिए इससे बड़ा कोई काम नहीं होगा।
केंद्रीय गृहमंत्री ने की जननायकों की बात
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहां की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक बहुत बड़ी बात की है, इतिहास केवल पुस्तकों में लिखा हुआ नहीं होता है, हमारे जननायक, आदिवासी जननायकों को समग्र देश के अंदर सम्मान और श्रद्धा प्राप्त होनी चाहिए। बस्तर की नायक वीर गुंडा धर और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने का काम हमारी सरकार कर रही है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजाति गौरव दिवस, 150 सी जयंती वर्ष को जनजातीय गौरव वर्ष मनाने का काम किया है।
जिनके बारे में कल्पना नहीं कर सकते उन्हें पद्म सम्मान दिया गया
नारायणपुर के पंडी राम मंडावी, हेमचंद मांझी, कांकेर के अजय कुमार मंडावी के बारे में कभी कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि इनका कोई पद्म पुरस्कार मिलेगा, आर्ची करने की भी हिम्मत नहीं करते थे, उन्हें ढूंढ कर राष्ट्रपति के हाथों सम्मान कराया गया। 75 साल हो गए थे कोई आदिवासी देश का राष्ट्रपति नहीं बना था, नरेंद्र मोदी ने उड़ीसा की गरीब आदिवासी बेटी द्रौपदी मुर्मू को महामहिम द्रौपदी मुर्मू बनाने का काम किया आज वे राष्ट्रपति भवन में शोभायमान हो रही हैं।
गरीबी हटाने का नारा कांग्रेस ने दिया, लेकिन 75 वर्षों तक गरीबी नहीं हटी
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि गरीब का विकास किसी भी सरकार की प्राथमिकता होती है, 75 साल तक गरीबी हटाओ का नारा कांग्रेस ने दिया लेकिन गरीबी नहीं हटी, उनकी सुविधा नहीं बढ़ी। नरेंद्र मोदी ने 7 करोड़ गरीबों के लिए इन 10 वर्षों में चार करोड़ से अधिक घर बनाएं, 11 करोड़ सिलेंडर दिए, 12 करोड़ शौचालय बनाया, 15 करोड़ घरों में जल पहुंचाया, 70 करोड़ को मुफ्त राशन मिल रहा है और 70 करोड लोगों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज करने का संकल्प किया है।
केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने नक्सलवाद पर कहा
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अब दोनों तरफ से आगे बढ़ रहे हैं। जो समझ गए हैं कि विकास के लिए हाथ में बंदूक की जरूरत नहीं है, कंप्यूटर की जरूरत है। विकास के लिए हाथ में आईईडी और हाथ गोला नहीं चाहिए, कलम चाहिए वे सभी सुरेंद्र हो गए हैं। 2025 में अब तक 521 नक्सली सरेंडर कर चुके हैं जबकि 2024 में 881 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। विश्वास दिलाता हूं जो सरेंडर करेंगे अभी यहां आएंगे मेन स्ट्रीम में आएंगे। जो हथियार लेकर रहेंगे उनके साथ सूरज सा गर्मी उनका मोर्चा संभालेगा जो भी होगा अगले मार्च तक इस लाल आतंकवाद से मुक्त करने का काम करेंगे।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कह बस्तर अब भय नहीं, भविष्य का पर्याय बन रहा
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर अब भय का नहीं भविष्य का पर्याय बन रहा है।मैं पहले भी आया हूं यहां सभाएं करने, लेकिन रोक लिया जाता था मुख्यमंत्री रहते थे आप वहां मत जाइए, आज धड़ल्ले के साथ 50000 आदिवासी भाई बहनों के सामने रामनवमी और अष्टमी का उत्सव मना रहे हैं। बस्तर पंडुम सभी साथ दे रहे हैं। आगे कहा कि यह जो शुरुआत हुई है वह मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने बड़ी मेहनत करके विकास लाने का काम किया है।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा पहले गोलियों की गूंज थी अब मशीनों की आवाज
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब मशीनों की आवाज आती है, कभी गांव वीरान थे अब स्कूलों की घंटियां बज रही हैं, जहां सड़क स्वप्न था वहां सड़क नहीं अब राजमार्ग बना रहे हैं। जहां बच्चे स्कूल जाने से डरते थे वहां कंप्यूटर पर बच्चे पूरे विश्व के साथ बात कर रहे हैं। यह बस्तर का विकास किस लिए है कि अब नक्सलवाद के साथ कोई जुड़ता नहीं है।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि विकास विश्वास विजय की लय के साथ बस्तर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों से कहा कि आप अपने गांव में मीटिंग करिए और जितने भी मलेशिया हैं उन्हें सरेंडर की प्रक्रिया में डाल दीजिए।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा सुकमा से सब इंस्पेक्टर बस्तर से बैरिस्टर बने तब विकास
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर पंडुम के मंच से विकास विकास का मतलब बताया। उन्होंने कहा कि विकास का मतलब है सुकमा से कोई सब इंस्पेक्टर बने, बस्तर से बैरिस्टर बने, दंतेवाड़ा से डॉक्टर बने, कांकेर से कलेक्टर बने ऐसे बस्तर का हमें विकास करना है, निर्माण करना है। यह सपने सच होते हैं यही जीवन में होते हैं अगर हम निष्ठा से काम करते हैं किसी से डरने की जरूरत नहीं है। आपकी पूरी सुरक्षा भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार करेगी हर गांव को नक्सली मुक्त बनाने का अभियान छेड़ें।
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केंद्रीय गृह मंत्री के लिए है सुरक्षा के कड़े इंतजाम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को देखते हुए हाई स्कूल ग्राउंड को छह लेयर की सुरक्षा व्यवस्था के तहत कवर किया गया था। सुरक्षा में BSF, CRPF, जिला पुलिस बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे भी तैनात किए गए थे।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जन प्रतिनिधियों से किया संवाद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नक्सल प्रभावित नौ जिलों के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। इसमें उन्होंने नक्सली सफाई के लिए हर गांव स्तर पर बैठक करने की बात कही और मलिशिया को सरेंडर करने पर जोर देने की बात कही। इसके अलावा, वे एंटी-नक्सल अभियान को लेकर ऑपरेशनल कमांडर और हाई-टी के लिए आरक्षित कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा 5500 में खरीदेंगे तेंदूपत्ता
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि तेंदूपत्ता 5500 में अब सीधे सरकार खरीदेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने यह निर्णय लिया है। लाल आतंक फैलाने वालों के डर से आपका पैसा ले जाते थे, अब वह पैसा आपके बैंक अकाउंट में डालने का कम करेंगे।

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जानिए बस्तर के पंडुम महोत्सव को
बस्तर पंडुम महोत्सव छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में मनाया जाने वाला एक पारंपरिक जनजातीय उत्सव है, जो आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और सामाजिक एकता को प्रदर्शित करता है। यह महोत्सव पूरे बस्तर संभाग में विभिन्न जगहों पर मनाया जाता है, लेकिन इसका समापन समारोह विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसमें प्रशासनिक, राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बड़े फैसले लिए जाते हैं।
इस महोत्सव के महत्व की बात करें तो बस्तर पंडुम केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि स्थानीय आदिवासी समाज का एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन भी है। यह महोत्सव आदिवासियों की परंपराओं, उनकी मांगों और उनके अधिकारों को उजागर करने का एक मंच बनता है। इस आयोजन से सरकार और आदिवासी समाज के बीच संवाद की संभावनाएं बनती हैं। चूंकि यह क्षेत्र दशकों से नक्सल प्रभावित रहा है, इसलिए इस महोत्सव को नक्सल समस्या के समाधान से भी जोड़कर देखा जाता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का इस महोत्सव के समापन समारोह में शामिल होना केवल एक सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनना नहीं, बल्कि सरकार की नक्सल विरोधी रणनीति को आगे बढ़ाने का संकेत है। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन को लेकर आक्रामक नीति अपनाई है और इस क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। अमित शाह की यात्रा का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल बढ़ाना, आदिवासी समुदायों को भरोसे में लेना और सरकार की नीतियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाना है।
अमित शाह के इस दौरे का प्रमुख एजेंडा नक्सल उन्मूलन और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा करना है। वे नक्सल प्रभावित नौ जिलों के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों से संवाद किए, ताकि सरकार यह समझ सके कि नक्सलवाद के खात्मे के लिए जमीनी स्तर पर क्या कदम उठाने की जरूरत है। इसके अलावा, वे पुलिस और सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रणनीतिक बैठक किए, जिससे यह स्पष्ट होगा कि भविष्य में नक्सल विरोधी अभियानों को किस तरह आगे बढ़ाया जाएगा।
Author: UnfearNews
हम बनेंगे आपकी समस्या का आवाज बिना डरे, बिना भेदभाव किए...










