एनएचएम कर्मियों पर शुरू हुई कार्रवाई: जानिए क्यों बोले कर्मचारी बोले-आंदोलन जारी है और रहेगा जारी

एनएचएम कर्मियों पर शुरू हुई कार्रवाई: जानिए क्यों बोले कर्मचारी बोले-आंदोलन जारी है और रहेगा जारी

विभागीय आदेश के बाद कर्मचारी नेताओं की गिरफ्तारी शुरू

एनएचएम कर्मियों पर शुरू हुई कार्रवाई
रिहाई के बाद खुशी।

राजधानी रायपुर के तूता मैदान में सभी जिलों के एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। इधर कर्मचारियों ने एक बार फिर जिला स्तर पर आंदोलन तेज कर सरकार को नींद से उठाने की योजना बना लिए हैं। सोमवार से इसका व्यापक असर प्रदेश में देखने को मिलने की बात कही जा रही है। इधर हड़तालियों के तेज होते आंदोलन को देखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया है। यही वजह है कि कर्मचारियों का कहना है कि पहले काम पर लौटाने का दबाव बनाने आदेश और कार्रवाई की धमकी वाला पत्र जारी किया गया था, अब उनके नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। कार्रवाई की शुरुआत की खबर बिलासपुर से आ रही है।

एनएचएम कर्मियों पर शुरू हुई कार्रवाई
कर्मचारियों ने निकाला रैली।

 

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 16000 कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इसके कारण प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। जिला अस्पतालों में भी कर्मचारियों की कमी से लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। लोगों को इलाज के लिए दर- दर की ठोकर खानी पड़ रही है। इधर हालात नियंत्रण से बाहर जाने और कर्मचारियों के हड़ताल से नहीं लौटने का गुस्सा प्रशासन का साफ दिखाई देने लगा है। यही कारण है कि प्रशासन अब कार्रवाई शुरू कर दिया है।

बता दें कि बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन चल रहा है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने सभी संविदा कर्मचारियों को काम पर लौटने का आदेश जारी किया है और साफ चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इधर इस आदेश के जवाब में आंदोलनकारियों ने मंच से हुंकार भरते हुए साफ कर दिया कि जब तक उनकी सभी 10 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा…आंदोलन जारी है और जारी रहेगा।

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ऐसे समझिए घटना क्रम को

18 अगस्त से शुरू हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल में पहले पांच दिन सभी जिलों में आंदोलन किया गया। इसके बाद रायपुर के तूता मैदान में कर्मचारी आंदोलन के लिए जुटे, लेकिन सरकार के निर्णय नहीं लेने के कारण उनका आंदोलन उग्र हो गया। इसी क्रम में शुक्रवार को जहां मोदी की गारंटी की खोज शुरू हुई। वहीं रायपुर के धरना स्थल से स्वास्थ्य कर्मचारियों ने रैली निकालने की कोशिश की, लेकिन रेलवे फाटक के पास पुलिस ने रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि किसी भी स्थिति में कानून हाथ में न लें और लोकतांत्रिक तरीके से ही अपनी आवाज उठाएं। इसके बावजूद कर्मचारियों का उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने पर्चे बांटकर और नारेबाजी कर आंदोलन को और धार दी।

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धरना स्थल पर गूंजे नारे

“आज करो अर्जेंट करो, हमको परमानेंट करो”,
“दमन किया तो और लड़ेंगे”,
“धप्प है भाई धप्प है, स्वास्थ्य विभाग ठप है, आंदोलन जारी है और जारी रहेगा।”

10 सूत्रीय मुख्य मांगें

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी 10 मांगों को फिर से मंच से दोहराया। इनमें प्रमुख हैं –

1. संविलयन एवं स्थायीकरण,

2. पब्लिक हेल्थ कैडर का निर्धारण,

3. ग्रेड पे का निर्धारण,

4. लंबित 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि,

5. कार्य मूल्यांकन (सीआर) व्यवस्था में पारदर्शिता,

6. नियमित भर्ती में संविदा कर्मियों के लिए आरक्षण,

7. अनुकंपा नियुक्ति,

8. मेडिकल एवं अन्य अवकाश की सुविधा,

9. स्थानांतरण नीति,

10. न्यूनतम 10 लाख का कैशलेस चिकित्सा बीमा।

कर्मचारियों ने कहा कि यह केवल रोजगार की मांग नहीं बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती से जुड़ा सवाल है।

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एनएचएम कर्मियों पर शुरू हुई कार्रवाई, जिलों में दबाव, कर्मचारियों का विरोध

कई जिलों में सीएमएचओ द्वारा कर्मचारियों को काम पर लौटने का आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश में साफ लिखा गया है कि जो कर्मचारी ज्वाइन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आंदोलनकारियों ने इस कदम को दबाव बनाने की कोशिश बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि सरकार समाधान निकालने की बजाय डराने-धमकाने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री और मंत्री के बयान पर विवाद

इस बीच मीडिया में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के बयान सामने आए हैं कि कर्मचारियों की पांच मांगें मान ली गई हैं। इस पर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मंच से ही तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार जनता और मीडिया को गुमराह कर रही है। उनकी कुल 10 मांगें हैं, जिनमें से अब तक केवल एक पर ही सहमति बनी है। कर्मचारियों ने कहा – “मुख्यमंत्री और मंत्री झूठ बोल रहे हैं। वे हमारी मांगों को आधा-अधूरा मानकर जनता को गलत जानकारी दे रहे हैं।”

लड़ाई आखिरी दम तक लड़ेंगे

धरना स्थल से आंदोलनकारी नेताओं ने दो टूक कहा कि यह संघर्ष स्थायित्व और सुरक्षा की लड़ाई है। “जब तक लिखित आदेश जारी कर हमारी सभी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। दबाव, आदेश और कार्रवाई की धमकियों से हम डरने वाले नहीं हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हम हैं और अब हमें हमारा हक मिलकर रहेगा।” उन्होंने कार्रवाई के आदेश को जलाकर विरोध किया।

आंदोलन जिला स्तर पर लौटा

आंदोलनकारियों ने आगे प्रदेशव्यापी और बड़े प्रदर्शनों का ऐलान भी किया है। उनका कहना है कि यह आंदोलन लंबा चलेगा और सरकार को आखिरकार उनकी बात माननी ही पड़ेगी। यह आंदोलन अब एक बार फिर सभी जिलों में शुरू होने वाली है। सोमवार से यह आंदोलन सभी जिला स्तर पर शुरू होगा। इसमें एक दिन सभी जिले से आंदोलनकारी रायपुर जाएंगे और अपने जिले का हाल सुनाएंगे।

ज्ञापन सौंपने से पहले हुई गिरफ्तारी

एनएचएम कर्मियों पर शुरू हुई कार्रवाई
मुखौटा लगाकर कर किया प्रदर्शन।

इधर बिलासपुर में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को नियमितीकरण का ज्ञापन सौंपने जाने के दौरान आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। कर्मचारी नेता श्याममोहन दुबे के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने क्या हुआ तेरा वादा गाने पर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के मुखौटा लगाकर प्रदर्शन किया। इसके बाद रैली के माध्यम से बिलासपुर दौरे पर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह से मिलने जा रहे नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।

हड़ताल से चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्था चरमरा गई है। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज, बड़े अस्पताल और जिला अस्पतालों से लेकर आयुष्मान केंद्रों तक पर मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रही है। हालात बिगड़ गए हैं, लोगों का सरकार के खिलाफ गुस्सा दिख रहा है।

चुनावी वादा नहीं किया पूरा

विधानसभा चुनाव से पहले कर्मचारियों के आंदोलन मंच से भाजपा नेताओं ने वादा किया था कि उनकी सरकार बनी तो वे नियमितीकरण कर देंगे। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले 20 माह से प्रदेश में भाजपा की सरकार है, लेकिन उनको किए वादे अब तक पूरे नहीं हुए। यहां तक कि घोषणा पर में भी नियमितीकरण की घोषणा की गई थी, लेकिन अभी तक यह वादे और घोषणा पूरा नहीं किया गया। जबकि अन्य राज्यों में कई मांगें मान ली गई हैं।

Deependra Shukla
Author: Deependra Shukla

मैं पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूँ और वर्तमान में Unfearnews में संपादक (Editor) के रूप में कार्यरत हूँ। पत्रकारिता की बारीकियों को समझने और उसे निष्पक्ष व प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने का मेरा विशेष अनुभव है। मैंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से 2012-14 में गोल्ड मेडल के साथ पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। इसके बाद ETV, News18, Dainik Bhaskar, NDTV, AajTak जैसी देश की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थाओं के साथ काम किया है। हमारा विजन: स्वतंत्र, निष्पक्ष और शोध-आधारित पत्रकारिता के माध्यम से समाज को सशक्त बनाना और जनता तक सत्य, निष्पक्ष एवं गहन विश्लेषण के साथ समाचार पहुंचाना। 📩 संपर्क करें: ✉️[deependrashukla501@gmail.com] 🌐 [unfearnews.com] [LinkedIn https://www.linkedin.com/in/deependra-kumar-shukla-12532689?utm_source=share&utm_campaign=share_via&utm_content=profile&utm_medium=android_app] 📞 [9109341789]

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