विवादित गांव में युवकों के बीच झगड़ा: हत्या के लिए ग्रामीणों ने ठहराया पुलिस को जिम्मेदार, जानिए क्यों हुआ सरकारी गाड़ियों पर पथराव

विवादित गांव में युवकों के बीच झगड़ा: हत्या के लिए ग्रामीणों ने ठहराया पुलिस को जिम्मेदार, जानिए क्यों हुआ सरकारी गाड़ियों पर पथराव

क्राइम रिपोर्टर| बलौदा बाजार

छत्तीसगढ़ का बलौदा बाजार जिला पिछलेे कुछ वर्षों से अशांत है। इसके लिए सर्वाधिक जिम्मेदार पुलिस, प्रशासन और सरकार को माना जा रहा है। वर्तमान घटनाक्रम की बात की जाए तो पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस वजह से ही रंजिश बढ़ रही है और झगड़ा इतना बड़ा हो गया कि एक युवक की हत्या कर दी गई। युवक की मौत के बाद इस हत्या के लिए पुलिस को कसूरवार ठहराया जा रहा है। इसी गुस्से में बताया जा रहा है कि लोगों ने सरकारी गाड़ियों पर पथराव भी किया। हालांकि पुलिस इस दौरान हुई 4 अलग अलग घटनाओं में मामला दर्ज कर मामलों में कथित तौर पर संलिप्त 12 आरोपितों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।

विवादित गांव में युवकों के बीच झगड़ा
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता बच्चों को चाकलेट बांटते हुए।

बलौदा बाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम मडकड़ा और झबड़ी महानदी से लगे जिले के सीमावर्ती गांव हैं। यहां नशा का प्रचलन खूब है। साथ ही जुआ और कई तरह की आपराधिक गतिविधियों के कारण इन गांवों में हमेशा विवाद होता रहा है। इसके कारण पुलिस रिकॉर्ड में इन दोनों गांवों को विवादित गांव घोषित किया गया है। यहां छोटी छोटी बात पर झगड़ा हो जाता है। यहां तक कहा जा रहा है कि इन गांवों के लोग बहुत झगड़ालू हैं। यही वजह है कि जब ग्राम पंचायत स्तर पर नई सरकार बनी तो पुलिस सबसे पहले सरपंचों को बुलाकर झगड़ा रोकने और शांति बहाल करने के साथ ही लॉ एंड ऑर्डर को ठीक रखने के लिए उपाय अपनाने की समझाइश दी। इसके बाद भी इन गांवों में नशा का व्यापार बढ़ता रहा, जुआ और दूसरे आपराधिक गतिविधियों का संचालन होता रहा। कहा जा रहा है कि इसकी जानकारी पुलिस को पहले से थी, कि इस क्षेत्र में अवैध शराब, गांजा बेचने, पीने के साथ ही जुआ खेलने खिलने के लिए फड़ संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन कोई खास कार्रवाई नहीं हुई। इसी को वजह बताया जा रहा है कि आगे युवकों के बीच शराब पीने पिलाने के समय झगड़ा हुआ और फिर नशे में धूत युवकों ने चाकू से हमला कर दिया। आरोप लग रहा है कि पुलिस समय पर कार्रवाई कर आरोपियों की गिरफ्तारी करती तो 1 अगस्त को हुए बलवा की घटना को रोका जा सकता था। युवक की हत्या होने से रोका जा सकता था।

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एसपी की घटना का खुलासा

पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने बताया कि युवकों के बीच आपसी रंजिश के चलते हत्या, गंभीर मारपीट और पुलिस कार्यवाही में बाधा उत्पन्न करने जैसी घटनाएं हुई। इन घटनाओं का पुलिस अधीक्षक ने सिलसिलेवार खुलासा करते बताया कि इस मामले की जांच के दौरान कसडोल पुलिस ने अब तक कुल 04 प्रकरण दर्ज कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

विवादित गांव में युवकों के बीच झगड़ा
पुलिस गिरफ्त में आरोपी।

ऐसे समझिए कैसे हुई लापरवाही

पहली घटना 12 जुलाई 2025 को झबड़ी तालाब के पास हुई, जहां ग्राम झबड़ी के चार युवकों ने ग्राम मडकड़ा के रामकिशोर यादव व अन्य एक युवक पर बेल्ट, हाथ-मुक्का और चाकू से हमला किया। बताया जा रहा है कि नशा करने के दौरान हुई कहा सुनी ने बाद में झगड़ा का रूप लिया। इस घटना के बाद पुलिस अपराध क्र. 483/2025 दर्ज की, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर पाई। यही सबसे बड़ी वजह दूसरे घटना की वजह बनी, हालांकि दूसरी घटना के बाद पुलिस पहले मामले के चार आरोपियों अमन वर्मा, अखिलेश कौशिक, नंदकिशोर पटेल और युगल किशोर को गिरफ्तार की, लेकिन यह कार्रवाई इतनी देर से हुई कि इस मामले का एक आरोपी की युवकों ने हत्या कर दी। सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि पुलिस की लापरवाही के कारण आरोपी घटना के बाद से महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों में फरार हो गया था, जब लौटकर आया और जुआ खेलने के लिए बदनाम गांव के दूसरे इलाके में गया तो वहां उसके साथ मारपीट की गई, इस दौरान कुल्हाड़ी ( टंगिया) से मारकर उसकी हत्या कर दी गई।

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विवादित गांव में युवकों के बीच झगड़ा
आरोपियों की हुई गिरफ्तारी।

दूसरी घटना 01 अगस्त को घटी, जहां बलवा हुआ। यहां त्रिलोकचंद कौशिक उर्फ नानू की थरहीडीह के पास अजय केवट व अन्य आरोपियों ने टंगिया, लाठी, डंडा से मारकर हत्या कर दी गई और मेमचंद कौशिक गंभीर रूप से घायल हुआ। सूत्रों की माने तो त्रिलोकचंद कौशिक उर्फ नानू पहले घटना में आरोपी था। उसके ऊपर अपराध दर्ज किया गया था, साथ ही उसके कई और प्रकरणों में भी संलिप्तता थी। आरोप लग रहा है कि जिसकी जानकारी पुलिस को थी इसके बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं की। हालांकि इस हत्या के मामले में अपराध क्र. 526/2025 में अजय केवट, लक्की केवट, रामभरोस यादव, सुखदेव यादव और राजू यादव को गिरफ्तार किया गया है।

तीसरी घटना 02 अगस्त को उस समय हुई जब पुलिस बलवा और हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची, यहां पुलिस के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने पुलिस गाड़ियों का घेराव कर दिया। लोगों का आरोप था कि अगर पहली घटना में उचित कार्रवाई की जाती तो यह दूसरी घटना नहीं होती। पहली घटना की रंजिश में ही दूसरी घटना हुई है, इसलिए इस घटना के लिए स्थानीय लोगों ने पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि पुलिस का कहना है कि कसडोल एसडीओपी और एसडीएम की वाहन पर आरोपियों के उकसावे में आकर लोगों ने पत्थरबाजी करते हुए पुलिस कार्यवाही में बाधा डाली है। जब पुलिस हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहुंची इस दौरान आरोपियों ने पुलिस और एसडीएम की वाहन का शीशा तोड़ दिया। इस मामले में अपराध क्र. 527/2025 दर्ज कर रामभरोस यादव, सुखदेव यादव और राजू यादव को गिरफ्तार किया गया।

चौथी घटना इसके अतिरिक्त 02 अगस्त को ही भोजराम साहू ने अज्ञात आरोपियों पर मारपीट व धमकी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिस पर अपराध क्र. 528/2025 के तहत मामला दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है। तीनों मामले के फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है, छापेमारी की जा रही है। पुलिस टीमें विभिन्न माध्यमों से तलाश कर रही हैं।

पुलिस अधीक्षक ने बताया शांति के लिए की गई अपील

पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने बताया कि दोनों गांव पहले से झगड़ालू गांव हैं। पहले यहां समाधान शिविर का आयोजन किया गया था। साथ ही यहां सरपंच को सरपंच सम्मेलन में बुलाकर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए समझाइश दी गई थी। इसके बाद भी यह घटना हुई, इसको लेकर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। स्थानीय लोगों को सुरक्षा देने के साथ ही शांति बहाल करने के लिए लगातार प्रायस किए जा रहे हैं। इसके लिए गांवों में पुलिस की तैनाती की गई है। साथ ही पेट्रोलिंग की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वे खुद गांव में गई थी, लोगों से शांति बहाल करने के लिए बात की हैं, साथ ही उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दी हैं। गांव में माहौल शांत रहे, बच्चे शांति के मार्ग पर चले, युवा नशा और दूसरी बुरी लत को छोड़ कर सही तरीके से काम करें इसके लिए समझाइश दी गई है। जब पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता गांव पहुंची तो उन्होंने छोटे बच्चों से बात कर उनके भविष्य के बारे में बच्चों से जाना। साथ ही उनको चॉकलेट वितरित किया।  ग्रामवासियों से संवाद किया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान समय में ग्राम मडकड़ा और झबड़ी में शांति है तथा पुलिस सतत निगरानी कर रही है। लोगों से शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए अपील की जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों में पुलिस कार्रवाई से भय है, इसी डर से गांव के कई लोग फरार हैं। हालांकि पुलिस अधीक्षक ने आश्वस्त किया कि घटना के असली मुजरिमों पर ही कार्रवाई होगी, लेकिन स्थानीय लोगों का भरोसा पुलिस पर पहली घटना से ही डगमगाया हुआ है। अब देखने की बात होगी कि पुलिस इस घटना के बाद किस तरह से लोगों का संविधान पर भरोसा कायम रखवा पाती है।

Deependra Shukla
Author: Deependra Shukla

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