स्थानीय युवाओं की अनदेखी: श्री सीमेंट के खिलाफ 21 अगस्त को होगा उग्र आंदोलन

स्थानीय युवाओं की अनदेखी: श्री सीमेंट के खिलाफ 21 अगस्त को होगा उग्र आंदोलन

बलौदा बाजार। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के खपराडीह स्थित श्री रायपुर सीमेंट संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय युवाओं का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। रोजगार के मुद्दे पर लंबे समय से कथित अनदेखी से नाराज स्थानीय युवा और जनप्रतिनिधि अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। प्रभावित क्षेत्र के 90 प्रतिशत से अधिक युवाओं को रोजगार नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए 21 अगस्त 2026 को श्री सीमेंट संयंत्र के मुख्य द्वार पर उग्र आंदोलन और घेराव की चेतावनी दी गई है।

स्थानीय युवाओं की अनदेखी

इस मामले में जिला पंचायत बलौदा बाजार-भाटापारा के संचार एवं संकर्म विभाग के सभापति ईशान वैष्णव ने मोर्चा संभालते हुए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को बाकायदा ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की पूर्व सूचना दी है।

ज्ञापन में श्री सीमेंट संयंत्र प्रबंधन पर स्थानीय युवाओं की उपेक्षा करने और बाहरी लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने का गंभीर आरोप लगाया गया है। ईशान वैष्णव का कहना है कि जिस क्षेत्र की जमीन और संसाधनों के बीच उद्योग संचालित हो रहा है, उसी क्षेत्र के युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। सीमेंट संयंत्र प्रबंधन द्वारा लगातार मनमानी की जा रही है।

स्थानीय युवाओं की अनदेखी
ईशान वैष्णव ने सौंपा ज्ञापन।

स्थानीय युवाओं का आरोप है कि संयंत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर होने के बावजूद प्रभावित गांवों के योग्य युवाओं को उनका हक नहीं मिल रहा है। इससे क्षेत्र के युवाओं में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ईशान वैष्णव के मुताबिक प्रभावित क्षेत्र के युवाओं ने अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर कंपनी से लगातार मुलाकात की थी। इसके बाद स्थानीय युवाओं और प्रतिनिधियों ने संयंत्र के अधिकारियों से कई बार बातचीत कर रोजगार की मांग रखी। शांतिपूर्ण तरीके से समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की गई, लेकिन आरोप है कि प्रबंधन की ओर से बहुत बुरा बर्ताव बेरोजगार युवाओं से किया गया, कोई ठोस और सकारात्मक पहल नहीं की गई।

लगातार आश्वासन और कथित अनदेखी के बाद अब युवाओं का सब्र टूटता नजर आ रहा है। यही वजह है कि 21 अगस्त को आंदोलन का ऐलान किया गया है।

सभापति ईशान वैष्णव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 21 अगस्त 2026 को सैकड़ों स्थानीय युवाओं के साथ श्री सीमेंट संयंत्र के मुख्य द्वार पर पहुंचकर घेराव और उग्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन स्थानीय युवाओं के रोजगार और उनके अधिकारों की लड़ाई है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि आंदोलन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति या कानूनों-व्यवस्था संबंधी परिस्थिति की जिम्मेदारी श्री सीमेंट संयंत्र प्रबंधन की होगी।

अब सबकी नजर 21 अगस्त पर टिक गई है। स्थानीय युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर होने वाला यह आंदोलन कितना बड़ा रूप लेता है और प्रशासन व संयंत्र प्रबंधन इस पर क्या कदम उठाता है, यह देखने वाली बात होगी।

बता दें कि सीमेंट संयंत्र प्रबंधन पर पहले भी मनमानी पूर्ण कार्यवाही करने के आरोप लगते रहे हैं। पूर्व में कर्मचारियों के आंदोलन करने पर उनके खिलाफ डराने धमकाने, झूठे मामलों में एफआईआर कराने, नौकरी से निकालने की कार्रवाई किए जाने के आरोप लग चुके हैं। यहां तक की स्थानीय लोगों के साथ भेदभाव तक की शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि स्थानिक लोग जब अपनी मांगों को लेकर के कंपनी प्रबंधन से बात करने जाते हैं तो जनप्रतिनिधियों के साथ कंपनी प्रबंधन और कंपनी के अधिकारी बदसलूकी करते हैं। बता दें कि कुछ समय पहले कंपनी से गैस का रिसाव हुआ था जिसमें बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे बीमार पड़े थे। आरोप hai कि कंपनी प्रबंधन ने पर्यावरण विभाग के साथ मिली भगत करके उस पूरे मामले को दबाने की पूरी कोशिश की थी, हालांकि इस मामले के लगातार मीडिया में आने के बाद कंपनी प्रबंधन को बैक फुट पर जाना पड़ा था और जिस क्षेत्र से गैस का रिसाव हुआ था उसे क्षेत्र को भी प्रशासन ने सील किया था, हालांकि प्रबंधन के खिलाफ कोई वैधानिक और कानूनी कार्यवाही प्रशासन ने नहीं किया था। जिसका नतीजा अब स्थानीय युवाओं में आक्रोश बनकर निकल रहा है।

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Author: UnfearNews

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