
अल्ट्राटेक रावन सीएसआर की पहल: 85 किसानों को मिले 55 स्प्रिंकलर और 30 वाटर लिफ्टिंग पंप
इंडस्ट्रियल डेस्क|बलौदा बाजार
खेती को आधुनिक बनाने के साथ उन्नत कृषि को बढ़ावा देने और पानी की किल्लत से जूझ रहे किसानों को राहत देने की दिशा में अल्ट्राटेक रावन सीएसआर और कृषि विभाग की संयुक्त पहल ने नई उम्मीद जगाई है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई और शाकम्भरी योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में चयनित किसानों को उन्नत सिंचाई उपकरण वितरित कर उन्हें आत्मनिर्भर खेती की ओर बढ़ने का अवसर दिया गया।
अल्ट्राटेक रावन सीएसआर द्वारा उन्नत कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासकीय कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किसानों को आधुनिक सिंचाई उपकरण वितरित किए गए। इस कार्यक्रम का आयोजन संयंत्र प्रमुख राजेश कुमार और एफएच-एचआर करन मिस्त्री के मार्गदर्शन में किया गया।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और शाकम्भरी योजना के अंतर्गत शासन के निर्धारित मापदंडों को पूरा करने वाले कुल 85 चयनित किसानों को 55 स्प्रिंकलर सेट तथा 30 पेट्रोल और इलेक्ट्रिक वाटर लिफ्टिंग पंप प्रदान किए गए। प्रत्येक किसान को अल्ट्राटेक सीएसआर की ओर से अंशदान राशि में विशेष सहयोग भी दिया गया, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के तरफ से वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखंड सिमगा अनिल कुमार दीवान, कृषि विकास अधिकारी पलारी सुचिन कुमार वर्मा ने किसानों को प्रधानमंत्री आशा योजना, दलहन–तिलहन पंजीयन, बीज उत्पादन कार्यक्रम और फसल अवशेष के उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।

इसके साथ ही उन्होंने स्प्रिंकलर और पेट्रोल व इलेक्ट्रिक पंपों से होने वाले लाभों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया।अधिकारियों ने अल्ट्राटेक के प्रयासों की सराहना करते हुए शासन की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया और प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया।
यह भी पढ़ें 👉 अल्ट्राटेक रावन सीमेंट की पहल: सड़क सुरक्षा के लिए 800 मवेशियों में रिफ्लेक्टिव कॉलर बेल्ट लगाए – Un Fear News
अब तक अल्ट्राटेक रावन सीएसआर द्वारा कुल 260 स्प्रिंकलर सेट और 126 पेट्रोल व इलेक्ट्रिक वाटर लिफ्टिंग पंप किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जिससे क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ है और खेती को नई दिशा मिल रही है।
Author: UnfearNews
हम बनेंगे आपकी समस्या का आवाज बिना डरे, बिना भेदभाव किए...









