
हड़ताल से बौखलाई सरकार: एनएचएम संघ के पदाधिकारी बर्खास्त, नाराज कर्मचारियों ने सौंपा सामूहिक इस्तीफा
हड़ताल से बौखलाई सरकार: एनएचएम संघ के 50 पदाधिकारियों को की बर्खास्त, नाराज कर्मचारियों ने सौंपा सामूहिक इस्तीफा।
हेल्थ रिपोर्टर|बलौदा बाजार
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी के साथ ही बलौदा बाजार जिले के तीन बड़े पदाधिकारी हेमंत सिन्हा, जो संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं कसडोल में ब्लॉक डाटा मैनेजर, कैशलेश तिवारी संघ में प्रदेश महासचिव और सीएमएचओ कार्यालय में प्रोग्राम एसोसिएट, डॉ. रविशंकर दीक्षित, संघ में प्रदेश संगठन प्रमुख और बलौदा बाजार जिले के अध्यक्ष, चिकित्सा अधिकारी आयुष को बर्खास्त कर दिया गया। इस बात से नाराज होकर आज बलौदा बाजार के सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से बलौदा बाजार सीएमएचओ को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

बता दें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 18 दिनों से जारी है। 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मैदान में डटे इन कर्मचारियों का गुस्सा अब विरोध के नए-नए रूपों में सामने आ रहा है। इसी कड़ी में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराज़गी जहां पहले मोदी की गारंटी खोजकर और बाद में पकौड़े बेचकर जताई। वहीं संगठन से गद्दारी करने वाले संघ के पदाधिकारियों के खिलाफ मुखर होकर कार्रवाई करते हुए संघ से बाहर कर दिया है।

इधर छत्तीसगढ़ के 16000 से अधिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारी 18 अगस्त से हड़ताल पर हैं। उनके प्रदर्शन पर सरकार की चुप्पी और हड़ताल के चलते परेशान कर्मचारियों का सरकार के प्रति गुस्सा साफ देखने को मिल रहा है हड़ताल को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों का कहना है कि सरकार उनके काम को महत्वपूर्ण नहीं मान रही, यही वजह है कि कर्मचारियों ने मैदान में ही कराही सजाई और पकौड़े तलना शुरू कर दिए। महज 5 रुपये प्लेट में पकौड़े बेचकर उन्होंने सरकार पर तंज कसा। कर्मचारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पकौड़ा बेचने को भी रोजगार बताया था, इसलिए एमबीबीएस, नर्सिंग और दूसरी महत्वपूर्ण पढ़ाई करने के बाद अब वे पकौड़ा बेचने के व्यवसाय को अपनाने मजबूर हो गए हैं।
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वादा का क्या हुआ?
कर्मचारियों ने तंज कसते हुए कहा कि मोदी की गारंटी में जो वादे किए गए थे, उन्हें अब मांगना पड़ रहा है। क्या हुआ तेरा वादा…. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्वास्थ्य कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर गंभीर नहीं है।
10 सूत्रीय मांगों पर अड़े कर्मचारी
एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल का यह 18वां दिन है। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन विसंगति दूर करना, सेवा सुरक्षा और पदोन्नति जैसे मुद्दे शामिल हैं। कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, हड़ताल जारी रहेगी।
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जनता को हो रही परेशानी
लंबे समय से जारी हड़ताल के कारण आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में भी दिक्कत हो रही है। कई गांवों और शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्य प्रभावित है। बावजूद इसके कर्मचारी अपनी लड़ाई जारी रखने के मूड में हैं।
सरकार की चुप्पी पर सवाल
कर्मचारियों का कहना है कि लगातार विरोध-प्रदर्शन और बातचीत की कोशिशों के बावजूद सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। यही कारण है कि अब वे अनोखे तरीकों से विरोध कर रहे हैं, ताकि उनकी आवाज़ आम जनता और शासन तक साफ तौर पर पहुंच सके।
Author: Deependra Shukla
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