ट्राइबल बस्तर जाला कोसा साड़ी ने दिलाया गौरव: सक्ती के आकाश कुमार देवांगन को राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार

ट्राइबल बस्तर जाला कोसा साड़ी ने दिलाया गौरव

ट्राइबल बस्तर जाला कोसा साड़ी ने दिलाया गौरव: बस्तर के आकाश कुमार देवांगन को राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार

नई दिल्ली में 11वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ की बुनाई परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिला….

इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टर| रायपुर

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के युवा और प्रतिभाशाली बुनकर आकाश कुमार देवांगन ने अपनी अद्वितीय ट्राइबल बस्तर जाला कोसा साड़ी के लिए राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार प्राप्त कर राज्य का नाम रोशन किया। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली में आयोजित 11वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा प्रदान किया गया।

ट्राइबल बस्तर जाला कोसा साड़ी ने दिलाया गौरव
ट्राइबल बस्तर जाला कोसा साड़ी के लिए मिला पुरस्कार।

यह विशेष साड़ी बस्तर की पारंपरिक जाला बुनाई तकनीक और कोसा रेशम की विशिष्टता का अद्वितीय संगम है। अपने जटिल डिज़ाइन, पारंपरिक पैटर्न और प्राकृतिक रंगाई की विशेषताओं के कारण यह न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

यह भी पढ़ें 👉 एनटीपीसी सीपत में बड़ा हादसा: ओवरलोडिंग के चलते यूनिट-5 में ब्लास्ट, तीन मजदूरों की मौत की आशंका, कई घायल – Un Fear News

समारोह में विदेश एवं वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया, सांसद कंगना रनौत, सचिव वस्त्र नीलम शमी राव सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और देशभर के लगभग 650 बुनकर, डिजाइनर, निर्यातक, विदेशी खरीदार और अन्य हितधारक उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें 👉 गांजा तस्करों को मिली सजा: एनसीबी की कार्रवाई पर हुआ दोषसिद्ध – Un Fear News

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि वस्त्र क्षेत्र देश का दूसरा सबसे बड़ा रोजगार सृजन क्षेत्र बन चुका है और बस्तर के बुनकरों की तरह ही देशभर के कारीगर पारंपरिक कलाओं को संरक्षित करते हुए नवाचार के जरिए नए बाजार बना रहे हैं। उन्होंने हथकरघा उत्पादों में विविधीकरण, प्राकृतिक रेशों को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी के बुनकर उद्यमियों को सशक्त बनाने पर जोर दिया।

छत्तीसगढ़ प्रतिनिधिमंडल ने इस अवसर पर कोसा सिल्क, डोकरा-प्रेरित डिज़ाइन और बस्तर की विशिष्ट जला बुनाई के नमूने प्रदर्शित किए, जिन्हें विदेशी खरीदारों और डिजाइनरों ने विशेष सराहना दी।

कार्यक्रम के अंतर्गत निफ्ट मुंबई द्वारा हथकरघा उत्कृष्टता पर कॉफी टेबल बुक का विमोचन, “वस्त्र वेद – भारत की हथकरघा विरासत” शीर्षक से फैशन शो, पुरस्कार विजेता उत्पादों की प्रदर्शनी और विशेष रूप से तैयार की गई फिल्मों का शुभारंभ भी किया गया।

यह भी पढ़ें 👉 हाईकोर्ट ने पंचायत विभाग का आदेश किया खारिज: सहायक शिक्षक को मिलेगी क्रमोन्नति वेतनमान की पात्रता – Un Fear News

गौरतलब है कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर साल 7 अगस्त को 1905 के स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में मनाया जाता है, जिसने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया और हथकरघा उद्योग को सशक्त बनाया। हथकरघा क्षेत्र आज पूरे देश में 35 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है, जिसमें 70% से अधिक महिलाएं हैं। छत्तीसगढ़ में यह न केवल आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है बल्कि सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक कला के संरक्षण का माध्यम भी है।

Deependra Shukla
Author: Deependra Shukla

मैं पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूँ और वर्तमान में Unfearnews में संपादक (Editor) के रूप में कार्यरत हूँ। पत्रकारिता की बारीकियों को समझने और उसे निष्पक्ष व प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने का मेरा विशेष अनुभव है। मैंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से 2012-14 में गोल्ड मेडल के साथ पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। इसके बाद ETV, News18, Dainik Bhaskar, NDTV, AajTak जैसी देश की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थाओं के साथ काम किया है। हमारा विजन: स्वतंत्र, निष्पक्ष और शोध-आधारित पत्रकारिता के माध्यम से समाज को सशक्त बनाना और जनता तक सत्य, निष्पक्ष एवं गहन विश्लेषण के साथ समाचार पहुंचाना। 📩 संपर्क करें: ✉️[deependrashukla501@gmail.com] 🌐 [unfearnews.com] [LinkedIn https://www.linkedin.com/in/deependra-kumar-shukla-12532689?utm_source=share&utm_campaign=share_via&utm_content=profile&utm_medium=android_app] 📞 [9109341789]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *