
बलौदा बाजार पुलिस बेबस: यह कैसी कानून व्यवस्था जहां डकैती के आरोपियों की नहीं हो रही गिरफ्तारी
डकैती जैसे संज्ञेय और अजमानतीय अपराध में शामिल आरोपियों का बलौदा बाजार की सड़कों पर खुलेआम घूमना, पुलिस और कानून व्यवस्था बनाने वाले जिम्मेदारों की कार्यशैली पर गहरा धब्बा है। सवाल यह है कि बलौदा बाजार में अपराधियों को पुलिस का संरक्षण मिला हुआ है? या उनमें पुलिस का भय खत्म हो चुका है? या बलौदा बाजार जिले की पुलिस पंगु हो चुकी है? या फिर पुलिस प्रशासन की पकड़ अपराधियों पर ढीली पड़ चुकी है?
क्राइम रिपोर्टर|बलौदा बाजार
डकैती जैसे गंभीर अपराध में नामजद आरोपी खुले आम शहर में घूमने का आरोप लग रहा है, जबकि यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। बलौदा बाजार जिला मुख्यालय में हुई इस सनसनीखेज मामले ने न सिर्फ जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि पुलिस की निष्क्रियता को प्रार्थी ने बेनकाब कर दिया है।

बलौदा बाजार सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के रहने वाले आकाश साहू ने बताया कि 5 जनवरी 2024 को उनके घर पर डकैती हुई थी। चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी आशुतोष मिश्रा, खिलेश्वर जायसवाल, राजेंद्र कुमार तिवारी, सत्यम शुक्ला, अविनाश जयसवाल सहित अन्य के द्वारा घर वालों को गाली गलौच दे डरा धमका कर उनके कब्जे से दो ट्रक ले गए। इस घटना की रिपोर्ट जब वह सिटी कोतवाली थाने में दर्ज करने पहुंचे तब पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने की जगह उन्हें कोर्ट भेज दी। वहीं कोर्ट ने जब एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया तो पुलिस चोरी का अपराध दर्ज की। जबकि मामला लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराध से संबंधित था। आरोप है कि सिटी कोतवाली पुलिस जानबूझकर आरोपियों को बचाने के लिए इस तरह से चोरी का मामला दर्ज की थी। जब आरोपियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर को निरस्त करने की मांग की तब सिटी कोतवाली पुलिस की आरोपियों को बचाने की साजिश हाइकोर्ट ने पकड़ लिया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सिटी कोतवाली पुलिस को उन धाराओं को जोड़ने का आदेश जिन धाराओं को पुलिस दर्ज नहीं की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन आरोपियों से मिली भगत कर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं की। आरोप है कि कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस आरोपियों को 22 जुलाई को थाने लेकर आई थी, जहां से बाद में छोड़ दी। जबकि हाइकोर्ट के संज्ञान के बाद मामला दर्ज किया गया था। विभिन्न शिकायतों में शिकायतकर्ता आकाश साहू ने पुलिस अधीक्षक से लेकर पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों यहां तक की डीजीपी तक को सिटी कोतवाली पुलिस के कार्यप्रणाली की शिकायत की है, लेकिन इस मामले में उन्हें न्याय नहीं मिला। आकाश साहू ने बताया कि वह लगातार मामले की वजह शिकायत उच्च अधिकारियों से कर रहे हैं, न्यायालय का आदेश है, इसके बाद भी सिटी कोतवाली पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही। यही वजह है कि आरोपी लगातार शहर में घूम रहे हैं और प्रार्थी को धमका रहे हैं।

आकाश साहू ने 3 अक्टूबर को ऐसे ही एक आरोपी सत्यम शुक्ला को बलौदा बाजार शहर में घूमते हुए पाया जिसका वीडियो बनाकर पुलिस अधीक्षक बलौदा बाजार से शिकायत की है। हालांकि इस शिकायत पर भी पुलिस अब तक कोई कार्यवाही नहीं की है।

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आकाश साहू ने बताया कि वह चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी से दो ट्रक फाइनेंस कराया था, जिसकी किस्त समय पर जमा कर रहा था, लेकिन कंपनी के कर्मचारी 56000 के लिए 5 जनवरी 2024 की रात 10 बजे 15 से अधिक लोग साहू के घर आए और उनके माता पिता को गाली गलौच कर डरा धमकाकर गाड़ी लेकर चले गए थे। जब साहू पैसा देने चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी गए तो उनसे पैसा नहीं लिया गया बल्कि, चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने लोन की बची हुई पूरी राशि एक बार में जमा करने के लिए कहा। साहू ने बताया कि बलपूर्वक गाड़ी लेकर जाने पर जब वह थाने में एफआईआर दर्ज कराने गए तो उनकी सुनवाई नहीं हुई, मामला दर्ज नहीं किया गया। इसपर उन्होंने न्यायालय में परिवाद दायर किए तब आदेश आया एफआईआर दर्ज करने के लिए तब थाना सिटी कोतवाली पुलिस चोरी की एफआईआर दर्ज कर दी गई। बाद में हाईकोर्ट ने 392, 395, 394, 506 और 294 भादवि के तहत अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है। हाइकोर्ट के आदेश पर पुलिस एफआईआर में धारा तो बढ़ा दी लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं की। इसपर भी शिकायत किया था, अभी डकैती की धारा 395 भादवि लग चुकी है, इसके बाद भी आरोपी शहर में खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। प्रार्थी ने बताया कि वह आरोपी के घूमने का वीडियो बनाया है। थाने में पूछने पर प्रार्थी को जवाब दिया जाता है कि सब आरोपी फरार है, कहां से पकड़ा जाए। साहू ने बताया कि एसपी के आवक जावक में आवेदन देकर एक बार फिर उन्होंने शिकायत की है।
वहीं इस संबंध में जब पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता से पूछा गया तो उन्होंने पहले तो स्पेसिफिक मामला पूछा फिर कहा कि देखिए जो भी फाइनेंशियल कंपनी से संबंधित मामले रहते हैं उसमें जो गाइड लाइन हैं उनका पालन करते हुए सूचना देते हुए अग्रिम कार्रवाई के लिए मीटिंग्स के हिसाब से बताया जा रहा है, जो उसका उल्लंघन करते हैं उनके ऊपर में कार्रवाई होती है। पूर्व में कोतवाली थाने में एक अपराध दर्ज है, उसमें भी जो आरोपी हैं उनके ऊपर भी नियम अनुसार कार्रवाइयां की जा रही हैं। आगे जांच में है जैसी भी परिस्थितियां होंगी उसके हिसाब से अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में हाइकोर्ट ने संज्ञान लिया था इसके बाद भी आरोपी सरेआम घूम रहे हैं के सवाल पूछने पर पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने कहा कि अपराध दर्ज है, मामला वर्तमान में विवेचना में है, ऐसी कोई शिकायत आती है तो उसकी भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
Author: UnfearNews
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